Ranchi (Pawan Thakur) : दीपावली की छुट्टी में घर आये कर्नल और उनके बेटे को बेतरह मारा-पीटा गया। लाठी-डंडे और रॉड से दोनों के बदन और सिर पर प्रहार किया गया। बेटे का चश्मा भी तोड़ दिया गया। आंखें भी चोटिल हुई हैं। दोनों बाप-बेटे मुर्छित होकर गिर पड़े। कर्नल का इल्जाम है कि उन्हें और उनके बेटे के साथ मॉब लिंचिंग की कोशिश की गई। उनके कान में घातक चोटें लगी हैं। उन्हें अब सुनाई भी कम दे रहा है। किसी तरह दोनों अपनी जान बचा सके। कर्नल का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने पटाखा बेचने वाले दुकान ट्रेड फ्रेंड्स से GST बिल की डिमांड कर दी थी। इल्जाम है कि दुकानदार विमल सिंघानिया के इशारे पर बिना कुछ जाने-सुनें 15-20 लोगों ने कर्नल और उसके बेटे पर कातिलाना हमला कर दिया। वहीं, बेखौफ होकर उनसे कहा गया… यहां कोई GST बिल कस्टमर को नहीं दिया जाता। जाओ जो करना है कर लो। सबसे हैरत की बात यह है कि ट्रेड फ्रेंड्स दुकान और कर्नल का मकान अगल-बगल ही है।
GST बिल मांगने पर हुआ मॉब लिंचिंग का प्रयास
कर्नल के बेटे ईशान सिंह के बयान पर राजधानी रांची के गोंदा थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आज दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। कर्नल ने कहा.. यह बहुत दुखद बात है कि GST बिल मांगे जाने पर मॉब लिंचिंग का प्रयास हुआ। कर्नल का कहना है कि दुकानदार का भाई कमल सिंघानिया ने पहले माफी मांगी, केस नहीं उठाने की बात कहने पर अपने ही दुकान के एक स्टाफ राजेंद्र मुंडा से उनपर और उनके बेटे पर एसटी-एससी का झूठा केस गोंदा थाने में ही दर्ज करा दिया।
कर्नल के परिवार का इल्जाम है कि उनके घर पटाखे और मिठाई तक भिजवाये गये, ताकि वह अपना केस वापस ले लें। परिवार का कहना है कि सेना अधिकारी बिकाऊ नहीं होते। उनके साथ गलत हुआ है। वह कानून सम्मत इस लड़ाई को लड़ेंगे, ताकि किसी और के साथ ऐसा कभी ना हो। अगर पुलिस से उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे ऊपर कोर्ट तक जाएंगे। झारखंड के गवर्नर रमेश बैस को भी घटना की पूरी जानकारी देंगे। कर्नल ने सिंघानिया बंधु पर इल्जाम लगाया है कि वे खुद को रसूखदार बताते हैं औऱ खुला चैलेंज करते हैं कि उनका कुछ नहीं बिगड़ सकता। झूठा केस दर्ज कराकर उन्होंने यह संकेत दे भी दिया। कर्नल का कहना है कि एक जवान बेटे के सामने उन्हें अपमानित किया गया। मारा-पीटा गया, वहीं जान लेने की कोशिश की गई। देश की आन-बान और शान समझे जाने वाले कर्नल की पोस्टिंग फिलहाल राजस्थान के गंगा नगर में है। सेना अधिकारियों के साथ इस तरह का बर्ताव पूरे देश भर में शायद ही कहीं ऐसा होता होगा। वह सदमे में हैं कि उनके घर यानी राजधानी रांची में ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि अगर दुकानदार और झूठा केस करने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह ऊपर की अदालत तक जाएंगे। इधर पटाखा विक्रेता जगत के बेताज बादशाह माने जाने वाले कमल सिंघानिया का कहना है कि जो कुछ हुआ अच्छा नहीं हुआ। वह देख रहे हैं कि विवाद कैसे सुलझेगा।
इधर गोंदा के थानेदार रवि ठाकुर ने बताया कि कर्नल के बेटे के कहने पर केस दर्ज किया गया है। वहीं केस दर्ज होने के बाद सिंघानिया के एक स्टाफ राजेंद्र मुंडा के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। राजेंद्र ने अपने बयान में कहा है कि कर्नल पटाखा खरीदने के बाद डिस्काउंट करने बोल रहे थे। डिस्काउंट नहीं मिलने पर गाली-गलौज, मार-पीट करने लगे। वहीं, उन्हें जाति सूचक गालियां दी। सूत्रों के अनुसार ट्रेड फ्रेंड्स के मालिक की तरफ से एक आवेदन गोंदा थाना में दिया गया है। सुनें क्या बोले कर्नल के बेटे ईशान सिंह…
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