कोहराम लाइव डेस्क : पटना के नए डीएम के फरमान से अधिकारियों में हड़कंप है। राजधानी के नए डीएम डॉ. चन्द्रशेखर पद संभालने ही एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने लापारवाही से काम करने वालों को अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि लोगों का काम तय समय में पूरा कराना उनकी पहली जिम्मेदारी है। यदि कोई अधिकारी लोगों की समस्याओं का तय समय में समाधान नहीं करता है तो उसे पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। शिकायत मिलने पर ये जुर्माना अधिकारी के वेतन से ही काटे जाएंगे।
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डीएम ने प्रखंडों और अंचल कार्यालयों का निरीक्षण किया। जिसमें लोग कर्मचारियों की लापारवाही से परेशान दिखे। डीएम ने जिला लोक शिकायत पदाधिकारी से लंबित मामलों की शीघ्र ही सूची देने का आदेश दिया है। इन विषयों को लेकर डीएम आज समीक्षा बैठक करेंगे। साथ ही लोगों की समस्या के समाधान के लिए पहल भी करेंगे। समय पर काम नहीं करने वाले अधिकारियों से निर्धारित समय के बाद की अवधि में प्रतिदिन 250 रुपये के हिसाब से या पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा। डीएम ने कहा कि समीक्षा के दौरान देखेंगे कि कितने अधिकारियों ने लंबे समय से लंबित मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी ने नौबतपुर, मसौढ़ी, फुलवारीशरीफ, पालीगंज, फतुहा और बख्तियारपुर प्रखंड और अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि लोग सामान्य काम के लिए दूर-दूर से अंचल और प्रखंड कार्यालय आ रहे हैं, मगर अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। डीएम ने सभी एसडीओ और डीसीएलआर को प्रखंड और अंचल कार्यालय में तय समय में काम पूरा नहीं होने वाले मामलों में संज्ञान लेने का निर्देश दिया है।
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