Kohramlive : विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों भारतीय छात्रों के लिये बड़ी खुशखबरी है। अब विश्वस्तरीय शिक्षा पाने के लिये सात समंदर पार जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत भारत में उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कई प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने की मंजूरी दी है।
ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की नामी यूनिवर्सिटियां आयेंगी भारत
इस पहल के तहत ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत विभिन्न देशों के 15 विदेशी विश्वविद्यालय भारत में अपने कैंपस स्थापित करेंगे। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल, यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स जैसे दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। इन कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों को मूल विदेशी विश्वविद्यालय के समान डिग्री मिलेगी। पढ़ाई का स्तर भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा। छात्रों को भारतीय और विदेशी फैकल्टी से पढ़ने का अवसर मिलेगा, वहीं, एक्सचेंज प्रोग्राम जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
विदेश जाने से आधा तक कम हो सकता है खर्च
विदेश जाकर पढ़ाई करने की तुलना में भारत स्थित इन कैंपस में पढ़ाई का कुल खर्च करीब 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। वहीं, छात्रों को 10 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप मिलने की भी संभावना रहेगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक छात्रों की पहुंच में आयेगी। सरकार का मानना है कि यह पहल भारतीय छात्रों को अपने ही देश में विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे न केवल विदेशी शिक्षा पर होने वाला खर्च कम होगा, बल्कि भारत को एक उभरते हुये वैश्विक शिक्षा केंद्र (Global Education Hub) के रूप में भी नई पहचान मिलेगी।
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