Kohramlive : स्वस्थ रहने के लिये पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ पानी(Water) पीना ही नहीं, बल्कि किस बोतल(Copper vs Steel Bottle) से पानी पी रहे हैं, यह भी आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकता है। आजकल प्लास्टिक की बोतलों(Copper vs Steel Bottle) से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुये लोग तेजी से Copper और Stainless Steel की बोतलों(Copper vs Steel Bottle) की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है, तांबे की बोतल(Copper vs Steel Bottle) बेहतर है या स्टील की? आइये जानते हैं दोनों के फायदे और सावधानियां।
तांबे की बोतल के फायदे
तांबे की बोतल(Copper vs Steel Bottle) में पानी पीना आयुर्वेद में लंबे समय से फायदेमंद माना जाता है। तांबे में प्राकृतिक एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं। 6–8 घंटे तक रखा पानी बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकता है। इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक माना जाता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने में मददगार माना जाता है। थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में भी सहायक माना जाता है। तांबे की बोतल(Water Bottle) को साफ करने का सबसे आसान तरीका यह है कि नींबू और नमक के घोल से धोयें। सिरके और पानी से भी साफ कर सकते हैं। धोने के बाद पूरी तरह सुखा लें। खुरदरी चीजों से रगड़ने से बचें।
स्टील की बोतल के फायदे
स्टेनलेस स्टील की बोतलें(Copper vs Steel Bottle) आज सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती हैं। बेहद टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाली होती है। BPA-मुक्त और केमिकल-फ्री माना जाता है। पेय पदार्थों का तापमान लंबे समय तक बनाये रखती हैं। जंग-रोधी और साफ करना आसान है। 100% रीसायकल करने योग्य है। हालांकि इनमें सीधे तौर पर कोई पोषक तत्व नहीं होते, लेकिन यह सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं। स्टील की बोतल को धोने के सबसे आसान तरीके यह है कि सामान्य साबुन और पानी(Water) से आसानी से साफ हो जाती है। तांबे की तुलना में इन पर दाग कम लगते हैं। वहीं, Glass की बोतलें भी सुरक्षित मानी जाती हैं क्योंकि इनमें किसी तरह के केमिकल नहीं होते। यह उन लोगों के लिये अच्छा विकल्प है जो आर्टिफिशियल पदार्थों के संपर्क से बचना चाहते हैं।
इन सावधानियों का रखें ध्यान
हेल्थ एक्सपर्ट्स दोनों बोतलों के इस्तेमाल में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। तांबे की बोतल में ज्यादा मात्रा में तांबे का पानी(Water) पीने से शरीर में कॉपर बढ़ सकता है। इससे उल्टी, चिड़चिड़ापन या लिवर पर असर पड़ सकता है। इसमें खट्टे या तेजाबी पेय पदार्थ न रखें। वहीं, स्टील की बोतल में कम गुणवत्ता वाली स्टील बोतल जल्दी खराब हो सकती है। बेहतर है कि 304 या 316 ग्रेड स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल करें। कुछ लोगों को निकेल से एलर्जी हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप हेल्थ बेनिफिट्स चाहते हैं तो तांबे की बोतल बेहतर हो सकती है। वहीं, अगर आपको टिकाऊ, सुरक्षित और कम रखरखाव वाला विकल्प चाहिये तो स्टेनलेस स्टील बेहतर है।



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