Kohramlive : दांबुला में खेले गये भारत-ए और श्रीलंका-ए के मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को आखिरी गेंद तक बांधे रखा। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने रोमांचक मुकाबले की चर्चा को विवाद की ओर मोड़ दिया। भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सुपर ओवर के बाद अपना आपा खो बैठे और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक यह घटना चर्चा का विषय बन चुकी थी।
265-265 पर छूटा मैच, सुपर ओवर में पलटी बाजी
भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेला गया मुकाबला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। निर्धारित 50 ओवरों में दोनों टीमों ने 265-265 रन बनाये और मैच टाई हो गया। फैसला सुपर ओवर में पहुंचा, जहां श्रीलंका-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुये 16 रन बनाये। जवाब में भारत-ए की टीम दबाव झेल नहीं सकी और 10 रन ही बना पाई। इस तरह मेजबान टीम ने छह रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ श्रीलंका-ए अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई, जबकि भारत-ए को टूर्नामेंट में दूसरी हार का सामना करना पड़ा।
आखिरी गेंद के बाद बढ़ा तनाव
विवाद की शुरुआत सुपर ओवर की अंतिम गेंद के बाद हुई। भारत को जीत के लिये आखिरी गेंद पर आठ रन चाहिये थे। श्रीलंका-ए के गेंदबाज कुगाथस माथुलन ने सटीक यॉर्कर फेंकी और वैभव सूर्यवंशी बड़ा शॉट नहीं लगा सके। गेंद के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे। इसी दौरान वैभव और कुछ खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हुई। मामला इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वैभव किस बात से नाराज हुये, लेकिन माना जा रहा है कि जश्न मनाने के तरीके या मैदान पर हुई किसी टिप्पणी ने उन्हें भड़का दिया।
निरोशन डिकवेला ने संभाला माहौल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब विवाद बढ़ने लगा तो श्रीलंका के अनुभवी खिलाड़ी निरोशन डिकवेला आगे आये और उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। हाथ मिलाने की औपचारिकता के दौरान भी वैभव नाराज नजर आये। बाद में भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने उन्हें समझाया और पवेलियन की ओर ले गये। कमेंट्री बॉक्स में भी इस घटना पर निराशा जताई गई और कहा गया कि इतने शानदार मुकाबले का अंत इस तरह नहीं होना चाहिये था।
सुपर ओवर से पहले भी हुआ था ड्रामा
मैच में तनाव केवल सुपर ओवर के बाद ही नहीं दिखा। निर्धारित ओवर समाप्त होने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं था कि सुपर ओवर कराया जायेगा या नहीं। शाम ढलने के कारण रोशनी की स्थिति को लेकर अंपायरों के बीच चर्चा हुई। भारतीय कप्तान तिलक वर्मा ने अंपायरों से लंबी बातचीत कर सुपर ओवर कराने की मांग रखी। आखिरकार मैच अधिकारियों ने सुपर ओवर कराने का फैसला लिया। सुपर ओवर में भी एक बड़ा विवाद सामने आया। श्रीलंका की पारी की अंतिम गेंद पर भारतीय गेंदबाज अरशद खान की फुलटॉस गेंद पर बल्लेबाज कैच आउट हो गया और अंपायर ने आउट दे दिया। भारतीय खिलाड़ी जश्न मनाते हुये मैदान से बाहर जाने लगे, लेकिन रिप्ले में गेंद कमर से ऊपर दिखाई दी। इसके बाद अंपायरों ने अपना फैसला बदला और गेंद को नो-बॉल घोषित किया। भारतीय खिलाड़ियों को दोबारा मैदान पर बुलाया गया और श्रीलंका को एक अतिरिक्त गेंद खेलने का मौका मिला। यह घटनाक्रम भी मुकाबले के दौरान चर्चा का केंद्र बना रहा।
वैभव का बल्ला भी नहीं चला
विवादों के बीच 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का बल्ला भी नहीं चला। ट्राई सीरीज में लगातार तीसरे मैच में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने केवल 21 रन बनाये। वहीं अनुकूल रॉय (8), निशांत सिंधु (6), आयुष बडोनी (15) और प्रभसिमरन सिंह (11) भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरे मैच में संघर्ष करता नजर आया।
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