Ranchi : CM हेमंत सोरेन आज दिल्ली रवाना हो गये। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर जैसे हर एक हवा का झोंका कह रहा था, “अब वक्त आ गया है, झारखंड की बात होगी राजधानी की सत्ता में।” CM हेमंत सोरेन की आंखों में विकास के भारत 2047 का सपना और हाथ में एक फाइल, झारखंड का रोडमैप। दिल्ली में जब नीति आयोग के शाही दरबार की बैठक शुरू हुई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में हर राज्य ने अपने भविष्य की कल्पना सामने रखी। मगर जब झारखंड की बारी आई, तो वो सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं थी, वो थी संघर्षों से सजी एक कहानी, संकल्पों से लिखी गई एक किताब। CM हेमंत सोरेन ने जब नगर विकास विभाग द्वारा तैयार किया गया “विकसित भारत 2047 का झारखंडी संस्करण” पेश किया, तो उसमें सिर्फ आंकड़े नहीं थे, उसमें था एक माई का सपना, जिसने अपने बेटे को पढ़ाने के लिये खेत गिरवी रखे, उसमें था एक स्ट्रीट वेंडर की हिम्मत, जिसने पीएम स्वनिधि योजना से मिली मदद से अपनी छोटी-सी दुकान को बड़ा सपना बना दिया।
झारखंड की रिपोर्ट
- ₹55.33 करोड़ का मुद्रा ऋण – 6278 जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की पहली किस्त।
- 24,380 स्वयं सहायता समूह – हर महिला के हाथ में सुई नहीं, अब हुनर है।
- 7748 लोगों को 10 लाख तक का ऋण – गरीबी की रेखा से ऊपर उठते सपने।
- PM स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को राहत – अब सड़कों पर सिर्फ ट्रैफिक नहीं, तरक्की भी दिखती है।
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