रांची : राज्य में नकली शराब कारोबारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करें। CM हेमंत सोरेन ने दिया निर्देश। सीएम ने कहा, अवैध रूप से बनाए गए शराब के सेवन से होने वाले संभावित खतरों से लोगों को बचाना सबकी जिम्मेवारी है। उन्होंने झारखंड मंत्रालय में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक की।
इसमें विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन-जिन जिलों में नकली शराब बनायी जाती है वहां साप्ताहिक निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिस क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार अथवा नकली शराब बनाने की सूचना मिले, वहां छापामारी का भी दिया निर्देश।
रिक्त पदों पर करें नियुक्ति : CM
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग राजस्व संग्रहण के प्रमुख विभागों में से एक है। विभाग आवश्यकता का आकलन करते हुए रिक्त पदों पर नियुक्तियों का कार्य प्रारंभ करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रहण में कमी न हो, इसके लिए आवश्यक है कि विभाग रिक्त पदों की नियुक्तियां करे।
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शिकायत दर्ज करने के लिए नंबर जारी हो
मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग एक टोल फ्री नंबर जारी करे, जिसमें आम लोग अवैध शराब एवं सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों में हेरफेर करने वाले माफिया तथा दुकानदारों का शिकायत कर सकें। लोगों की जानकारी के लिए दुकान के बाहर रेट लिस्ट डिस्प्ले अवश्य हो। एक्साइज कंट्रोल रूम को सशक्त बनाएं। एसटी/एससी समुदाय के लोगों को भी शराब दुकान चलाने का लाइसेंस दें।
नई कार्य योजनाओं की दी गई जानकारी
मौके पर विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कोविड-19 के कारण माह नवंबर 2020 तक राजस्व संग्रहण 1025 करोड़ रुपये प्राप्त हुई है। प्रेजेंटेशन के माध्यम से उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की वर्तमान एवं नई कार्य योजनाओं की जानकारी दी गई। बैठक में विकास आयुक्त केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, संयुक्त सचिव वीरेंद्र कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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