RANCHI : जैसा बोले, ठीक वैसा ही कर दिखाए सीएम हेमंत सोरेन। झारखंड में बिजली की कमी और उसकी आंख मिचौली से निजात दिलाने के लिये झारखंड के युवा जांबाज सीएम हेमंत सोरेन ने एक बड़ा और बेहतरीन काम कर दिया।उन्होंने आज यानी पांच जुलाई को उन्होंने नई सौर ऊर्जा नीति लॉन्च दी। इस नीति के तहत कि साल 2027 तक 4000 मेगावाट सौर ऊर्जा हासिल कर हर किसी की परेशानी और दिक्कत दूर कर दी जायेगी। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सवा सौ करोड़ जनसंख्या वाले हमारे देश में बड़े पैमाने पर ऊर्जा की जरूरत है। मानव जीवन में जितनी आवश्यकता भोजन की है, उतनी ही आवश्यकता ऊर्जा की भी है। ऊर्जा की खपत और उत्पादन को लेकर सरकारें हमेशा से नीति बनाती रही हैं। हमारी सरकार पारंपरिक ऊर्जा श्रोत के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा श्रोतों पर विशेष फोकस कर रही है। जिस गति से राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करना प्रारंभ किया है, वह दिन दूर नहीं जब झारखंड ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सक्षम और आत्मनिर्भर बनेगा। अक्षय ऊर्जा बिजली उत्पादन का बेहतर विकल्प है। सौर ऊर्जा की सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आज सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण किया गया है। सीएम हेमन्त सोरेन मंगलवार को होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। यहां याद दिला दें कि बीते तीन जुलाई को कोहराम लाइव ने शीर्षक सीएम हेमंत सोरेन 5 जुलाई तक दे सकते है बेहतरीन तोहफा… नाम से खबर चलाई थी, जिसमें जिक्र किया गया था कि 5 जुलाई को सीएम हेमंत सोरेन सौर ऊर्जा नीति 2022 को लॉन्च कर सकते हैं।
पुस्तिका में सौर ऊर्जा की संपूर्ण जानकारी
मौके पर मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण के साथ-साथ किसान सोलर वाटर पंप सेट योजना हेतु कुसुम वेब पोर्टल, धनबाद एवं दुमका में 600 केवी के सोलर प्लांट एवं गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर सौर ऊर्जा नीति-2022 पुस्तिका का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। इस पुस्तिका में सौर ऊर्जा नीति-2022 की संपूर्ण जानकारी रखी गई है।
सस्ती है सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल-सिंचाई से लेकर घरेलू दिनचर्या में भी इस योजना का लाभ लोगों को मिले, इस सोच के साथ कार्य योजना बनाकर हम आगे बढ़ रहे हैं। अक्षय ऊर्जा के माध्यम से हर वो काम लोग कर सकें, जो काम कोयले से उत्पादित बिजली से होता है। जहां पारंपरिक बिजली स्रोतों से बिजली की कीमत प्रति यूनिट 5 रुपए से अधिक है, वहीं सौर ऊर्जा से उत्पादन की गई ऊर्जा की कीमत 2 से 3 रुपया यूनिट ही होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कई ऐसे जिले हैं जहां पर 30 से 40 मेगावाट की बिजली की खपत होती है। इन जिलों में 400 से 500 एकड़ भूमि पर सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्याप्त बिजली उत्पादन किया जा सकता है। हमें इन सारी बिंदुओं पर विचार करते हुए अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए राज्य को समृद्ध बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। झारखंड निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने वाले निवेशकों को हमारी सरकार पूरा सहयोग प्रदान कर रही है।
गिरिडीह जिला अब सोलर सिटी जिला के रूप में पहचाना जाएगा
सीएम ने गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का ऑनलाइन उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू से ऑनलाइन माध्यम से वार्ता की। गिरिडीह विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गिरिडीह जिला वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोलर सिटी के रूप में आपके जिला को चयनित किया गया है। मौके पर गिरिडीह विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए हम सभी लोग कटिबद्ध हैं। आपकी इस सोच और नीति को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।
सौर ऊर्जा नीति के तहत सुविधा और लाभ प्रदान करना प्राथमिकता
इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए सौर उर्जा नीति का रास्ता तय करने की योजना को मंत्रिपरिषद से पारित करने का काम किया है। विधिवत रूप से आज सभी के सहयोग से इस नीति के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य वासियों को नीतिगत निर्णयों का लाभ और सुविधा किस प्रकार मिले, इस लिए नीतियों में प्रावधान किया जाता है। राज्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निवेशकों को आवश्यक सुविधा एवं अनुकूल माहौल प्रदान किया जा रहा है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए जरेडा निदेशक केके वर्मा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा नीति-2022 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। 3 लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों को शत-प्रतिशत सब्सिडियरी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य रूप से ये रहे मौजूद
इस अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, कार्यक्रम स्थल रांची में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, जरेडा निदेशक केकेवर्मा, सीईओ सीईईडब्ल्यू डॉ. अरुणभ घोष सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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