Ranchi : नेमरा की वह शांत सुबह, जब आसमान भी थोड़ी देर के लिए ठहर-सा गया… दिशोम गुरु, झारखंड आंदोलन की आत्मा, और जन-जन के मन में बसे दिवंगत शिबू सोरेन के पारंपरिक श्राद्ध कर्म का दिन था। रामगढ़ के नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पर CM हेमंत सोरेन, एक पुत्र के रूप में, अपने पिता के प्रति अंतिम धार्मिक कर्तव्य ‘तीन कर्म’ की परंपरा निभा रहे थे।
हर क्रिया में नमी थी। आंखों की भी और भावना की भी। परिवारजन, ग्रामवासी और शुभचिंतक सभी इस पल के साक्षी बने। यह सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, यह एक युगपुरुष को अंतिम प्रणाम था… परंपरा की गोद में बैठा एक श्रद्धासिक्त विदाई। नेमरा में उस दिन, सिर्फ मंत्र नहीं गूंजे… गूंजे थे एक बेटे के दिल की गहराइयों से उठते मौन शब्द “बाबा, आपकी राह पर हम चलेंगे…”

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