रांची : झारखंड सरकार अब विदेश में पढ़ने के इच्छुक बच्चों को भी Scholarship देगी। जल्द होगी इसकी शुरुआत। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी घोषणा की। वे स्वच्छ विद्यालय और मेधावी छात्र पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ने वाले बच्चों को स्कॉलरशिप देने की तैयारी आखिरी चरण में है, ताकि उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले बच्चों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
Scholarship की तैयारी, गरीब बच्चों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार बैंक भी बच्चों की मदद से इंकार कर देती है। ऐसे में सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। राज्य में बहुत गरीब बच्चे हैं जो हुनर होने के बाद भी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। इसी को ध्यान में रख कर मेधावी छात्र सम्मान योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत सभी बोर्ड के बच्चों को इंटरमीडिएट, प्लस टू, मैट्रिक में अव्वल आने पर पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोविड के कारण इस बार पुरस्कार वितरण में इस देरी हुई है।अगले साल से रिजल्ट के साथ ही पुरस्कृत किए जाएंगे। रिजल्ट के एक माह के अंदर हर हाल में ये राशि उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी।
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कोविड के कारण स्कूली शिक्षा को ज्यादा नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण स्कूली शिक्षा और छात्र -छात्राओं को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कुछ महीने में लगभग सालभर हो जाएंगे, जब सारे बच्चे अपने घर में कैद हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई की पढ़ाई परिवार के साथ शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। सीएम ने कहा कि अगर संक्रमण समाप्त नहीं हुआ तो ये समझने की कोशिश करना चाहिए कि हमें नए सिरे से खुद को और पूरी व्यवस्था को देखना होगा। इसके लिए शिक्षक, अभिभावक और बच्चे सभी को तैयार रहना होगा।
मेधावी छात्रों को मिला अवार्ड
कार्यक्रम के दौरान 2020 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा में पहले स्थान पर आने वाले राज्य के अव्वल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मैट्रिक में पहला स्थान हासिल करने वाले को एक लाख, दूसरा स्थान हासिल करने वाले को 75 हजार रुपए और तीसरा स्थान हासिल करने वाले 50 हजार रुपए देकर सम्मानित किया गया।
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