विश्व बाल श्रम दिवस पर सफायर इंटनेशनल स्कूल में हुआ वर्चुअल कार्यक्रम
RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची के सफायर इंटरनेशनल स्कूल में विश्व बाल श्रम दिवस के अवसर पर वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों और शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी राय रखी। कक्षा 10 के छात्र मयंक सौरभ ने कहा कि आज के समय में यह दुखद है जिस उम्र में बच्चों को पढ़ना चाहिए, उस उम्र में वे काम कर रहे हैं। जिस देश के भविष्य का वर्तमान अंधकार में, हो उस देश का भविष्य प्रकाशमान कैसे होगा। बच्चे ही तो देश का भविष्य हैं। उनका जीवन संवारना होगा।
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बाल श्रम रोकने के कानूनों की दी जानकारी
कृष प्रकाश ने स्लाइड के माध्यम से दिखाया कि आज बच्चों की जो स्थिति है, उस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो देश का भविष्य कैसा होगा। कृष ने स्लाइडों के द्वारा बाल श्रम को रोकने के लिए विश्व स्तर पर बनाए गए कानूनों की जानकारी दी।
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पढ़ने की उम्र में सभी बच्चों की हो पढाई
अजय झा, अंग्रेजी अध्यापक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं, उनका विकास देश के विकास को मजबूत देता है। यह कितनी बड़ी विडंबना है कि जिस देश के पहले प्रधानमंत्री का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, उसी देश में बच्चे स्कूल जाने की उम्र में काम पर जाते हैं। पढने की उम्र में सभी बच्चों की पढाई की मुकम्मल व्यवस्था होनी चाहिए।
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हमें भी देना होगा अपना योगदान : प्राचार्य
इस अवसर पर प्राचार्य अमित सिंह ने कहा कि यह समस्या पूरे विश्व की है तथा इसे दूर करने के लिए हमें भी अपना योगदान देना होगा। सरकार का काम कानून बनाना है तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उसका पालन करें। जहां भी कानून का उल्लंघन हो,आवाज उठानी ही होगी, तभी किसी भी दिवस को मनाने का सही उपयोग होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री मेघाली भारद्वाज कक्षा अध्यापिका कक्षा 10, सुश्री बीना कुमारी जैन हिंदी अध्यापिका तथा तकनीकी विभाग से अनुराग और अर्जित का सराहनीय योगदान रहा।














