कोहराम लाइव डेस्क : रिपब्लिक टीवी के संपादक Arnab Goswami को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है। इससे पहले मुंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अर्नब जमानत के लिए निचली अदालत का रुख कर सकते हैं। इसके बाद Arnab Goswami ने अलीबाग सेशन कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका को भी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया। जिसके बाद अर्नब ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पत्रकार Arnab Goswami की याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह से किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आजादी पर बंदिश लगाया जाना न्याय का मखौल होगा। न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी की पीठ ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्या गोस्वामी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की कोई जरूरत थी, क्योंकि यह व्यक्तिगत आजादी से संबंधित मामला है।
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पीठ ने टिप्पणी की कि भारतीय लोकतंत्र में असाधारण सहनशक्ति है और सरकार को इन सबको नजरअंदाज करना चाहिए। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘उनकी जो भी विचारधारा हो, विचारधारा में मतभेद हो सकते हैं और अगर विचारधारा अलग तो चैनल न देखें। लेकिन अगर संवैधानिक न्यायालय आज इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा तो हम निर्विवाद रूप से बर्बादी की ओर बढ़ रहे होंगे।’’
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पीठ ने कहा कि सवाल यह है कि क्या आप इन आरोपों के कारण व्यक्ति को उसकी व्यक्तिगत आजादी से वंचित कर देंगे।
बता दें कि अर्नब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रायगढ़ पुलिस ने मुंबई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। इस मामले में अर्नब के अलावा दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नीतीश सारदा को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें न्यायालय से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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