spot_img

Black Fungus पीड़ित महिला की रिम्‍स में मौत, परिजनों ने कही ये बात…

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

RANCHI: Black Fungus से पीडि़त महिला उषा देवी की रिम्‍स में मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। हाइकोर्ट की फटकार के बाद दो दिन पहले ही महिला का ऑपरेशन किया गया था। मगर रविवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने रिम्‍स प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

मृतका के बेटे गौरव गुप्ता ने बरियातु थाना में रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद, चिकित्सा अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप, डॉ संजय कुमार, ईएनटी विभाग की एचओडी डॉ सीके बिरुआ, डॉ मनीष, डॉ आयुष, आलोक, प्रिया, राकेश चौधरी समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मृतका के बेटे ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है।

Read more:रूड्स के सदस्यों ने डुंडीगारा गांव में किया पौधरोपण

Read more:मंदिर की दान पेटी का ताला तोड़ा, लगभग 20 हजार कैश ले उड़े चोर

Read more:अनोखा रिवाज… Marriage के बाद तीन दिनों तक टॉयलेट में नो इंट्री, देखें वीडियो

Read more:CSK हारी तो माही ले सकते हैं रिटायरमेंट

महिला के इलाज में लापरवाही की खबरों के बाद हाइकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। हाइकोर्ट की फटकार के बाद गुरुवार को महिला का ऑपरेशन किया गया था। विभिन्न विभागों के आठ डॉक्टरों की टीम करीब 4 घंटे तक महिला का ऑपरेशन किया था। इस जटिल ऑपरेशन में महिला के मुंह का ऊपरी जबड़ा, नाक की हड्डी और बांयी आंख निकालनी पड़ी थी। डॉक्टरों ने बताया था कि महिला का हिमोग्लोबिन भी काफी कम था। ऑपरेशन के वक्त हिमोग्लोबिन की मात्रा सिर्फ छह थी, इसके बाद भी हाई रिस्क में महिला का ऑपरेशन किया गया और मरीज को कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। डॉक्‍टरों के द्वारा लगातार उनकी मॉनिटरिंग की जा रही थी। मगर उन्‍हें बचाया नहीं जा सका। इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। यहां याद दिला दें कि गिरिडीह के पचंवा की इस महिला को ब्‍लैक फंगस की शिकायत के बाद रिम्‍स में परिजन लेकर आए थे। जहां कई दिनों तक उनका इलाज नहीं हुआ। महिला के दो बच्चे धरने पर भी बैठे थे और इलाज नहीं होने पर खुदकुशी करने की चेतावनी दे रहे थे। महिला के परिजनों ने मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच कर ज्ञापन सौंपा था। जहां उन्हें बताया गया था कि मुख्यमंत्री विवेकानुदान कोष से उन्हें अधिकतम 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा सकती है।

Read more:महिलाओं को Sex Workers बनने पर विवश कर रहा ये वजह…

Read more:शादी के फेरे लेने से पहले जंगल में भाग गए दूल्हे राजा, फिर….

Read more:निखिल के मर्डर के बाद खुला राज, डीएसपी था सट्टेबाज…

Read more:मनचाहा नेग नहीं मिला, उतार दिया मासूम को मौत के घाट

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

रांची में एक साथ सगे भाइयों की मौ’त, मचा कोहराम…

Ranchi : रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के चन्द्राटोली...

JSSC उत्पाद सिपाही भर्ती 2023: मेडिकल टेस्ट का शेड्यूल जारी…

Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहुप्रतीक्षित उत्पाद...

बड़कागांव में खेल के मैदान से युवाओं को मिली नई सीख…

Hazaribagh : हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र की सिरमा पंचायत...

अवैध कफ सिरप के साथ दबोचा गया…

Hazaribagh : हजारीबाग के कटकमसांडी थाना क्षेत्र के पेलावल...

झारखंड में बरसाती मच्छरों का डंक डराने लगा, तीन बच्चों की मौ’त…

Ranchi : झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ...