spot_img
spot_img

ट्रेन टिकट में 50% छूट को लेकर बड़ा अपडेट, जानिए डिटेल में..

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Kohramlive desk : कोविड काल से पहले सीनियर सिटीजन को ट्रेन (Train) टिकट में छूट दी जाती थी। लेकिन कोरोना  महामारी खत्म होने के बाद भी बुजुर्गों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। इसी बीच रेल किराये में दी जाने वाली छूट पर बड़ा अपडेट आया है। इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि कोरोना से उपजी चुनौतियों के चलते 2020-21 में रेलवे का रेवेन्यू प्री कोविड एरा (2019-20) से कम था। ऐसे में छूट देने से रेलवे पर अत्यधिक भार पड़ेगा।  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को संसद में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि रियायतें देने की लागत रेलवे पर भारी पड़ती है, इसलिए वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों के लिए रियायतों का दायरा बढ़ाना फिलहाल सही नहीं है। उन्‍होंने कहा कि रेलवे की 2020-21 का राजस्‍व 2019-20 के राजस्‍व के अपेक्षा कम था।

कितनी और किन्‍हें दी जाती थी छूट

रेलवे ने सभी वर्गों में महिला यात्रियों को 50% और पुरुष यात्रियों को 40% की छूट की पेशकश की थी। इसका लाभ उठाने की न्यूनतम आयु महिलाओं के लिए 58 वर्ष और पुरुषों के लिए 60 वर्ष थी। छूट की लागत 1,600 करोड़ रुपये प्रति वर्ष और सभी रियायतों पर किए गए छूट 2,000 करोड़ रुपये रेलवे का 80% था।

कौन सी रियायतें दी जा रहीं

महामारी के दौरान और जैसे ही इसने सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल किया MoR ने 53 रियायतों में से 15 को छोड़कर सभी को बंद कर दिया। चार अलग-अलग विकलांगों के लिए और 11 छात्रों और रोगियों के लिए अभी भी छूट का प्रवधान है।

रेल मंत्री से छूट बहाल करने की मांग

अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता और सांसद विनय विश्वम ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अनुरोध किया है कि ट्रेन के टिकट के किराये में वरिष्ठ नागरिक को दी जाने वाली रियायत बहाल की जाए, जो कोविड-19 वैश्विक महामारी फैलने के बाद से निलंबित है।

‘करोड़ों बुजुर्ग हुए हैं प्रभावित’

विश्वम ने एक पत्र में लिखा कि वरिष्ठजन को दी जाने वाली छूट वापस लेने के रेलवे के फैसले के कारण देशभर में करोड़ों बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला कोविड-19 के मद्देनजर लिया गया था, लेकिन वैश्विक महामारी का प्रकोप कम होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों की तरफ से बार-बार मांग किए जाने के बावजूद इस निर्णय की समीक्षा नहीं की गई है।

‘रियायतों को स्थायी रूप से हटाने के लिए हुआ महामारी का इस्तेमाल’

उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से इन रियायतों को स्थायी रूप से हटाने के लिए कोविड-19 वैश्विक महामारी का इस्तेमाल किया गया, जिससे भारत के लोगों को बहुत नुकसान हुआ। ’ भाकपा नेता ने कहा कि मार्च 2020 से मार्च 2022 तक सात करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने रेलवे का इस्तेमाल किया और इससे छूट समाप्त किए जाने का प्रभाव स्पष्ट होता है।

इसे भी पढ़ें :रांची में होगा दिग्गज Gastrologist डॉक्टरों का जमावड़ा, पद्मभूषण डॉ नागेश्वर रेड्डी भी होंगे शामिल

इसे भी पढ़ें :नौकरी छोड़ पिता की राजनीति विरासत संभालेगी शिल्पा, देंखे…

इसे भी पढ़ें :आशिक को जला मिटा डाली प्रेम कहानी… देखें वीडियो

इसे भी पढ़ें :18 दिन पहले मड़वा तोड़ा था, आज दुल्हन बना ले गये… देखें वीडियो

इसे भी पढ़ें :आर्केस्ट्रा पार्टी में छेड़खानी, एतराज जताने वाले को मार दी गोली, देंखे…

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

शोरूम से बाहर निकलते ही क्यों घट जाती है कार की वैल्यू… जानें

Kohramlive : नई कार खरीदना किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार...

चंडीगढ़ में ओला को बड़ा झटका, लाइसेंस सस्पेंड…

Kohramlive : कैब और बाइक टैक्सी सेवा देने वाली...

सुभाष चंद्रा का आलीशान बंगला 1260 करोड़ में बिका, तोड़े सारे रिकॉर्ड…

Kohramlive : एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने...

BYD SEALION 7 का धमाकेदार Anniversary Edition लॉन्च, जबरदस्त पैकेज…

Kohramlive : भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में तेजी से...

इस रोज से महंगी हो सकती है टाटा की कारें…

Kohramlive : देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा...