बोकारो : एसीबी धनबाद की टीम ने की बड़ी कार्रवाई। बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल अंतर्गत नावाडीह बीडीओ प्रभाष चंद्र दास 15000 रुपए घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए। आहारडीह पंचायत अंतर्गत झारखंड स्वयं सहायता समूह, जो लॉकडाउन के दौरान किसी कारण से निरस्त हो गयी थी। उसे फिर शुरू करने के नाम पर संचालिका खेमिया देवी से कुल 50 हजार रुपए की मांग की थी। ऐसे में 20 हजार में सौदा तय हुआ था।
बीडीओ के साथ पलामू पंचायत अंतर्गत सचिन महतो नामक दलाल के पैकेट से भी पांच हजार रुपए मिला। इस दलाल की पत्नी के नाम पर भी आशा स्वयं सहायता समूह संचालित है। एसीबी धनबाद की टीम दोनों को पकड़कर अपने साथ वाहन में बिठाकर ले गयी।
सरकारी आवास में किया जा रहा था भ्रष्टाचार
अपने सरकारी आवास में बीडीओ भ्रष्टाचार की भेंट शुक्रवार 13 नवंबर की दोपहर करीब 12.50 बजे चढ़ गए। इससे पहले झारखंड स्वयं सहायता समूह की संचालिका ने एसीबी धनबाद के पास शिकायत की थी। इसके आलोक में एसीबी धनबाद टीम से डीएसपी अशोक कुमार और अन्य ने यहां आकर बीडीओ के आवास के चारों ओर से तैनात होकर निगरानी शुरू कर दी थी।
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15000 रुपये हाथ में लिया और पकड़े गए
इसी बीच पलामू पंचायत अंतर्गत दलाल सचिन महतो झारखंड स्वयं सहायता समूह की संचालिका खेमिया देवी को लेकर रुपए दिलाने पहुंचा। दलाल ने 5 हजार रुपए अपनी जेब में और 15000 रुपए बीडीओ ने जब अपने हाथ में पकड़ ली, तब मौका आकर एसीबी धनबाद की टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
बीडीओ के घर में छापामारी भी हो सकती है
31 अगस्त 2018 को यहां योगदान देने वाले बीडीओ जामताड़ा के रहनेवाले हैं। जैसा कि नावाडीह क्षेत्र के कुछ मुखिया एसीबी धनबाद की टीम को बता रहे थे कि बीडीओ के घर में भी छापेमारी की जाय तो करोड़ों रुपए बरामद हो सकते हैं। ऐसे में एसीबी धनबाद टीम ने जामताड़ा में किसी को फोन भी किया। हो सकता है, वहां भी छापेमारी की तैयारी की जा रही थी। नावाडीह में बीडीओ द्वारा घूस लेने का यह दूसरा मामला है। वे 2017 में भी एक मामले में घूस लेते पकड़े गए थे।
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