रांची : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय कांके रांची में विश्व ऑटिज्म डे का आयोजन 2 अप्रैल 2022 को किया जाएगा। ऑटिज्म यानी स्वालीनता एक ऐसी बीमारी है, जो बचपन में 1 बरस से 3 बरस के बीच में ही सामने आ जाता है। बच्चे अपने आप में खोए रहते हैं। बातों पर ध्यान नहीं देते हैं, सीखने की क्षमता नहीं रहती है। सुनने और बोलने में दिक्कत होता है। पढ़ाई-लिखाई शब्दों का उच्चारण सब विलुप्त हो जाया करता है। ऑटिज्म हो जाने पर भविष्य में याददाश्त लेकर कार्यकलाप तक सब कुछ विलुप्त हो जाता है। इस रोग से बचाव के लिए और ऐसे बच्चे जो ऑटिज्म से सफर कर रहे हैं, उनमें सुधार के लिए ऑटिज्म के बच्चों को उनके परिवारों को विश्वविद्यालय अस्पताल में आकर जांच कराने और इलाज कराने की सलाह दी गई है। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ यूएस वर्मा सुबह 9:00 बजे से दिन के 12:00 बजे तक रोगियों को देखेंगे और परामर्श देंगे। ऑटिज्म होने का कारण इलाज के विभिन्न तरीकों एलोपैथिक के साथ-साथ होम्योपैथिक दवाओं के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी जाएगी। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, कर्मचारी, आकस्मिक मजदूर तथा उनके परिवार के सदस्यों से शिविर में आकर नि:शुल्क लाभ उठाने की अपील की गई है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर यूएस वर्मा दे दी।
इसे भी पढ़ें : आज रात से National Highways पर सफर होगा महंगा, अब इतना रुपये देना होगा टोल टैक्स
इसे भी पढ़ें : 1 अप्रैल से बिहार में 10% ज्यादा देना होगा टोल टैक्स
इसे भी पढ़ें : बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, रामायणी रॉय ने किया टॉप
इसे भी पढ़ें : पेट की आग बुझाने की जुगाड़ में गये दो की गई जान, कई अस्पताल में…
इसे भी पढ़ें : पेट में था बच्चा, जीने नहीं दिया प्रतिमा को… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : झारखंड में शराब नीति को मंजूरी, 5 लीटर से ज्यादा अवैध शराब पकड़ाया तो…
इसे भी पढ़ें : सबको रूला गया लेडी डॉक्टर अर्चना का सुसा’इड नोट, देखें वीडियो…
इसे भी पढ़ें : बदन पर कपड़ा नहीं, हाथ-पैर बंधा, फंदे पर लटका मिला विवेक, पुलिस बोली…
इसे भी पढ़ें : ग्राम प्रधान के घर में लिखी जा रही थी इंटर की कॉपियां, पहुंची पुलिस और…












