Hazaribagh : हजारीबाग में 27 मई से रहस्यमय ढंग से गायब भाई-बहन की लाशें दो अलग-अलग जगहों से मिलने के बाद हजारीबाग दहल उठा। गुस्साये लोग सड़क पर उतर आये और झंडा चौक को जाम कर दिया और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का इल्जाम है कि बच्चों के लापता होने के बाद उन्होंने कटकमदाग थाना में आवेदन देकर पुलिस को जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि पुलिस गंभीरता दिखाती, तो शायद दोनों बच्चों की जान बच सकती थी। खबर है कि कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर पंचायत भवन के समीप सिंदूर नदी के दश कर्म घाट के पास लापता बहन तमन्ना परवीन का क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। एक चरवाहे की नजर नदी में पड़े शव पर पड़ी। उसने तत्काल इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरूआती जांच में उसके चेहरे पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि पहचान छिपाने के इरादे से चेहरे को नुकसान पहुंचाया गया।
12 घंटे बाद छोटे भाई का शव कुएं से मिला
परिवार अभी तमन्ना की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही घंटों बाद एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। तमन्ना के तीन साल के छोटे भाई का शव सिंदूर इलाके के एक कुएं से बरामद किया गया। लगातार दो शव मिलने से पूरे इलाके में भय, आक्रोश और शोक का माहौल फैल गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
मां की चीखें सुन पसीज उठा हर दिल
अस्पताल परिसर और घर के बाहर जो दृश्य था, उसने हर किसी को भावुक कर दिया। मां अपने दोनों बच्चों को खोने के गम में बेसुध होकर रोती रही, वहीं, पिता बार-बार एक ही सवाल पूछता रहा, “मेरे बच्चों का कसूर क्या था?” परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और हजारीबाग में खिलौने बेचकर किसी तरह जीवन यापन कर रहा था। अब उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी ही उनसे छिन गई। घटना के बाद लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। आक्रोशित नागरिकों ने झंडा चौक को जाम कर दिया और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ लोगों ने बताया कि बीते 27 मई को दोनों बच्चे अचानक लापता हो गये थे। दोनों भाई-बहन को इधर-उधर बहुत खोजा गया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। थके-हारे परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। दोनों बच्चों को खोज निकालने के लिये SIT बनाई गई थी, पर लापता बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अब पुलिस का दावा है कि पुलिस हर बिंदु पर गहराई से तहकीकात कर रही है। बहुत जल्द गुनहगारों को अरेस्ट कर लिया जायेगा। इस बीच घटना की जानकारी मिलते ही सदर विधायक प्रदीप प्रसाद झंडा चौक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और प्रशासन से मांग की कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाये।
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