Palamu : छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे झारखंड के पलामू में, जंगलों की खामोशी के पीछे जो कहानी पनप रही थी, उसका सिर अब पुलिस की मुट्ठी में है। एक लंबे समय से पुलिस की आंखों की किरकिरी बना शातिर नक्सली TSPC का एरिया कमांडर शंभू सिंह, अब सलाखों के पीछे है। वह खौफ का दूसरा नाम बन चुका था। उस पर पांच से अधिक नक्सली हमलों का आरोप है, जिनमें कई बार गोलियों की तड़तड़ाहट और बारूदी सुरंगों की धमक ने गांवों को दहला दिया था। TSPC का पूर्व कमांडर गौतम यादव के जेल जाने के बाद से शंभू सिंह संगठन की कमान संभाल ली थी। पलामू की SP रीष्मा रमेशन को गुप्त सूचना मिली कि शंभू सिंह छतरपुर के पलवा क्षेत्र में मौजूद है। सूचना पक्की थी। थानेदार प्रशांत प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। ये वही शंभू था, जो पिछले साल 10 अक्टूबर को तुरीदाग इलाके में पुलिस से मुठभेड़ में शामिल था और कुछ ही दिन पहले मनातू थाना क्षेत्र की मुठभेड़ में भी, जहां गौतम यादव को गोली लगी थी।
गिरफ्तार शंभू सिंह ने पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। मिले इनपुट पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। SDPO अवध कुमार यादव ने बताया कि इन सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान जारी रहेगा। छापेमारी में सब-इंस्पेक्टर अनिल रजक और छतरपुर थाना की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई।
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