Ranchi : रांची धीरे-धीरे थककर सो रहा था, लेकिन नामकुम के दुर्गा सोरेन ब्रिज पर किस्मत जाग रही थी और तीन जिंदगियां अलविदा कह गई। बीती रात रांची सिविल कोर्ट के पेशकार प्रवीर हांसदा अपनी स्कूटी पर लौट रहे थे, दूसरी ओर शिक्षक सोम सिन्हा पैदल ही घर की ओर बढ़ रहे थे और तीसरी ओर एक तेज रफ्तार कार, जो न जाने किस हड़बड़ी में थी। वो कार आई, जैसे बिन बुलाये तूफान आता है। पहले स्कूटी सवार प्रवीर को रौंदा, फिर पैदल चलते सोम को भी अपनी चपेट में ले लिया। और अंत में, खुद भी अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। तीनों की जान चली गई। सड़क पर खून था, और आसमान में सन्नाटा। परिजनों को कुछ नहीं पता था। बस एक बेचैनी थी जो नींद को हराम कर चुकी थी। जब काफी देर तक सोम नहीं लौटे, तो घरवाले उन्हें ढूंढने निकले। रास्ते में एक सड़क हादसा दिखा, लेकिन वे बढ़ते चले गये। कुछ दूर जाकर जब सोम का पता नहीं चला, तो वे फिर उसी जगह लौटे और वहां पड़ी चप्पल ने सारी कहानी बयां कर दी। ऐसी ही एक और कहानी प्रवीर हांसदा के परिवार ने भी जी। रांची की उस रात ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया।
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