Bihar : अगर सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर की शुरुआत में बिहार होकर रेल यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिये बेहद जरूरी है। मोकामा के पास गंगा नदी पर बने नये दोहरी रेल लाइन पुल को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिये 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बड़ा तकनीकी कार्य किया जायेगा। इसके चलते सैकड़ों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने इस अवधि के लिये 339 ट्रेनों को रद्द, 384 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव, 56 ट्रेनों का आंशिक समापन और 67 ट्रेनों का आंशिक प्रारंभ करने का फैसला लिया है। ऐसे में यात्रियों को सफर से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लेने की सलाह दी गई है।
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, राजेंद्र पुल, ऊपरी हाथीदह, टाल जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन के बीच नये डबल रेल पुल को मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिये प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग का काम किया जायेगा। यह कार्य 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेगा। हर दिन कई ट्रेनें रद्द रहेंगी। रेलवे के हवाले से मीडिया में आई खबर के मुताबिक, 20 सितंबर : 6 ट्रेनें रद्द, 21 सितंबर : 12 ट्रेनें, 22 सितंबर : 13 ट्रेनें, 23 सितंबर : 15 ट्रेनें, 24 सितंबर : 21 ट्रेन, 25 सितंबर : 24 ट्रेनें, 26 सितंबर : 29 ट्रेनें, 27 सितंबर : 31 ट्रेनें, 28 सितंबर : 21 ट्रेन, 29 सितंबर : 20 ट्रेनें, 30 सितंबर : 25 ट्रेनें, 1 अक्टूबर : 32 ट्रेनें, 2 अक्टूबर : 32 ट्रेनें, 3 अक्टूबर : सबसे अधिक 36 ट्रेनें रद्द, 4 अक्टूबर : 21 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इस दौरान प्रभावित होने वाली प्रमुख ट्रेनों में हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस, सहरसा-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, मालदा टाउन-पटना एक्सप्रेस, नई दिल्ली-मालदा टाउन एक्सप्रेस, भागलपुर-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, रांची-गोरखपुर एक्सप्रेस, पुरी-पटना एक्सप्रेस, दरभंगा-हावड़ा एक्सप्रेस, बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने रद्द ट्रेनों की तिथिवार सूची जारी कर दी है। वहीं, मार्ग परिवर्तन, आंशिक समापन और आंशिक प्रारंभ वाली ट्रेनों की विस्तृत सूची अलग से जारी की जायेगी।
60 साल पुराने पुल का मिलेगा मजबूत साथी
वर्तमान राजेंद्र रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण वर्ष 1959 में हुआ था। करीब 1.9 किलोमीटर लंबे इस पुल पर केवल एक रेल लाइन है और तकनीकी कारणों से इसका दोहरीकरण संभव नहीं था। बढ़ते रेल यातायात को देखते हुये वर्ष 2015-16 के रेल बजट में 1,491.47 करोड़ रुपये की लागत से समानांतर नया डबल रेल पुल बनाने की मंजूरी दी गई थी। 12 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। करीब 1.9 किलोमीटर लंबे मुख्य पुल और 14 किलोमीटर लंबी एप्रोच लाइन वाली इस परियोजना में 9 छोटे पुल, 2 रोड ओवरब्रिज और 3 रेल ओवर रेल पुल भी बनाये गये हैं। नया डबल रेल पुल चालू होने के बाद मोकामा-बरौनी रेलखंड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी, परिचालन में देरी कम होगी और भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालना रेलवे के लिये आसान हो जायेगा।
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