Kohramlive Desk : इंडोनेशियाई सरकार ने बुधवार को सभी सिरप और लिक्विड दवाओं के प्रिसक्रिप्शन और ओवर-द-काउंटर बिक्री पर बैन लगाने की घोषणा की है। इस साल किडनी की चोट के चलते लगभग 100 बच्चों की मौत हो गई है। यह बैन उस फैसले के बाद लगी, जब दक्षिण पूर्व एशियाई देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने किडनी की गंभीर चोट (AKI) से बच्चों की मौतों की संख्या में जनवरी के बाद से हुई आसाधारण बढ़ोतरी की जांच की।
डॉक्टरों को तरल दवा लिखने से मना
मालूम हो कि इससे पहले गाम्बिया में भारतीय कंपनी की सिरप पीने के बाद लगभग 70 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मेडिकल अलर्ट जारी किया था। इंडोनेशियाई खाद्य और औषधि एजेंसी ने कहा कि गाम्बिया से इम्पोर्ट किए जाने वाले सिरप उनके देश में नहीं थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता सियारिल मंसूर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “आज तक, हमें 20 प्रांतों से 99 मौतों के साथ 206 मामले मिले हैं।” एहतियात के तौर पर, मंत्रालय ने स्वास्थ्य सुविधाओं में सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्थायी रूप से तरल दवा या सिरप नहीं लिखने के लिए कहा है।
छोटी उम्र के बच्चों में मिले अधिक मामले
इंडोनेशिया में रिपोर्ट किए गए ज्यादातर मामलों में 18 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चे हैं। हालिया बढ़ोतरी से पहले, मंत्रालय ने आम तौर पर एक महीने में एकेआई के एक या दो मामले देखे थे।
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