Kohramlive : क्रिकेट की दुनिया ने एक ऐसा सितारा खो दिया, जिसकी पहचान अदम्य साहस और जज्बे से होती थी। न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज बॉब ब्लेयर का 94वें जन्मदिन पर निधन हो गया। नियति का यह संयोग भी अजीब रहा कि जिस दिन 23 जून 1932 को उन्होंने जन्म लिया था, उसी तारीख 23 जून 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से न्यूजीलैंड समेत पूरी क्रिकेट बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है। बॉब ब्लेयर ने 1952 से 1964 के बीच न्यूजीलैंड के लिये 19 टेस्ट मैच खेले और 43 विकेट अपने नाम किये। हालांकि उनके आंकड़ों से कहीं बड़ा था उनका संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 119 मैचों में 537 विकेट लेकर अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी गेंदबाजी की धार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मात्र 18 की औसत से बल्लेबाजों को परेशान किया।
करियर का सबसे यादगार प्रदर्शन
1964 में ऑकलैंड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गये अपने आखिरी टेस्ट में बॉब ब्लेयर ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुये 142 रन देकर 7 विकेट झटके थे। यह विदाई किसी भी गेंदबाज के लिये सपने जैसी मानी जाती है। बॉब ब्लेयर का नाम क्रिकेट इतिहास में एक ऐसी घटना के कारण हमेशा याद किया जायेगा जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया था। साल 1953 में न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर थी। तभी ब्लेयर को खबर मिली कि उनकी मंगेतर नेरिसा लव न्यूजीलैंड के भीषण टंगीवाई रेल हादसे में मारी गई हैं। इस हादसे में 151 लोगों की जान चली गई थी। दुनिया जैसे उनके लिये थम गई थी। लेकिन दर्द के उस समंदर के बीच भी ब्लेयर ने ऐसा साहस दिखाया जिसे क्रिकेट की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में गिना जाता है।
जब पूरा स्टेडियम हो गया भावुक
शोक में डूबे ब्लेयर पहले टीम होटल में रहे। लेकिन टेस्ट मैच के दूसरे दिन अचानक बल्लेबाजी के लिये मैदान पर उतर आये। स्टेडियम में मौजूद दर्शक, खिलाड़ी और कमेंटेटर यह देखकर स्तब्ध रह गये। उन्होंने घायल बल्लेबाज बर्ट सटक्लिफ के साथ आखिरी विकेट के लिये 33 रन जोड़े। एक ओवर में 25 रन बने और पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। वह सिर्फ साझेदारी नहीं थी, बल्कि टूटे दिल वाले एक इंसान की अद्भुत हिम्मत की कहानी थी। आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे भावुक पलों में इस घटना का जिक्र किया जाता है।
उनकी याद में शुरू हुई ‘टंगीवाई शील्ड’
बॉब ब्लेयर की इसी प्रेरक कहानी से प्रभावित होकर न्यूजीलैंड क्रिकेट और क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने 2024 में “टंगीवाई शील्ड” की शुरुआत की थी। यह ट्रॉफी दोनों देशों के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज में दी जाती है।न्यूजीलैंड क्रिकेट ने घोषणा की है कि इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में 25 जून से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट के पहले दिन खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरेंगे और अपने पूर्व खिलाड़ी को श्रद्धांजलि देंगे। संन्यास के बाद भी बॉब ब्लेयर क्रिकेट से जुड़े रहे। उन्होंने क्वींसलैंड, जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, उत्तरी आयरलैंड और इंग्लैंड में कोचिंग दी। बाद में पत्नी बारबरा के साथ इंग्लैंड के चेशायर में बस गये, लेकिन अपने देश न्यूजीलैंड और क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम जीवनभर कायम रहा।
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