Kohramlive : जिस जवान बेटे की लंबी आयु की खातिर मां ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा, उसी मां के सामने बेटा दीपक फांसी के फंदे पर लटक गया। बेटा दीपक बड़े अरमान से मां के लिये एक नई साड़ी खरीद लाया था। ताकि वह व्रत में नई साड़ी पहन सके। उसने बड़े प्यार से अपनी मां को साड़ी दी। वह बोला… मां जरूर पहन लेना। ना जानें क्यों मां को साड़ी पसंद नहीं आयी। मां के उतरे चेहरे को बेटा भांप गया। वह दुखी हो गया। वहीं मां बेटे का दिल रखने के लिए साड़ी रख ली। मां के चेहरे पर खुशियां नहीं देख बेटा दुखी हो गया। वह अपने कमरे में चला गया। वह जोर-जोर से साउंड सिस्टम बजाने लगा। कुछ देर बाद दीपक की पत्नी दिव्या कमरे गई। पत्नी ने साउंड कम करने को कहा। उसने दिव्या को डांटते हुए उसे कमरे से बाहर भेज दिया। वहीं अंदर से कुंडी लगा दी। बहुत देर तक जब गाने की आवाज धीमी नहीं हुई तो घर के कुछ लोग दरवाजे खटखटाने लगे। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। वहीं आवाज भी कम नहीं हुआ। शक होने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का हाल देख हर कोई दंग रह गया। दीपक फांसी के फंदे पर झूल रहा था। उसे जल्दी-जल्दी नीचे उतारा गया, तब उसकी धड़कन चल रही थी। उसे तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। यह लोमहर्षक कांड हरियाणा के पानीपत शहर की वधवाराम कॉलोनी से सामने आई है।
घटना को लेकर मौके पर पहुंची पुलिस और मीडिया को मृतक दीपक के भाई मोनू ने बताया कि उसका भाई दीपक एक फैक्ट्री में मशीन चलाने का काम करता था। वह शादीशुदा था। उसकी एक 11 माह की मासूम बेटी है। वो लोग 8 भाई बहन है। सबसे बड़ी दो बहनें हैं, उसके बाद दीपक था। लगभग 29 साल का दीपक सोमवार को फैक्ट्री से लौटते समय एक नई साड़ी लेकर आया था। सोमवार को मां ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा था। मां को साड़ी बहुत ज्यादा अच्छी नहीं लगी थी। मगर, बेटे का दिल रखने के लिए उसने साड़ी रख ली। इसके बाद जो कुछ हुआ, उससे पूरा परिवार आहत है।
इसे भी पढ़ें : डोर-टू-डोर जाकर मच्छरों के लार्वा को मारेगा नगर निगम : मेयर
इसे भी पढ़ें : ‘पहले फाइलों में योजनाएं बनती थी और खत्म हो जाती थी ,अब धरातल पर उतर रही है योजनाएं’
इसे भी पढ़ें : सनकी दामाद ने खत्म कर दिया पूरा का पूरा ससुराल… देखें क्यों












