कोहराम लाइव डेस्क : इस संसार में हर आदमी अपने परिवार के साथ रहना ज्यादा पसंद करता है। अगर किसी का परिवार न भी हो, तो वह औरों के साथ किसी बस्ती में तो जरूर रहता होगा, लेकिन आज हम आपको जार्जिया के एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो एक वीरान टापू पर रह रहा है। जॉर्जिया का कात्सखी पिलर सदियों से वीरान पड़ा है, लेकिन इस पिलर पर एक शख्स पिछले 30 साल से अपना आशियाना बनाए हुए है। इस पिलर की ऊंचाई 130 फीट है और इस पिलर पर मैक्जिम नाम का एक क्रिश्चियन साधू अकेला रहता है।
66 साल के हैं मैक्जिम
जान लें कि ये पिलर एक घाटी में अकेला खड़ा है। इस पर मैक्जम ने अपना घर बना लिया है। ये पिलर एकदम सीधा मानो जैसे कोई खंभे खड़ा हो। इसलिए इसके शिखर पर अकेले रहने की कल्पना भी डरावनी लगती है। 66 साल के मैक्जिम इस पिलर पर पिछले 30 साल से रह रहे हैं। उनका का कहना है कि इस खतरनाक दिखने वाले पहाड़ ही चोटी पर रहते हुए वह ईश्वर के और करीब पहुंच गए हैं। वह एक क्रिश्चियन साधू हैं जिन्हें मोंक कहा जाता है। उनका पूरा नाम मैक्जिम काव्टारड्जे है।
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सप्ताह में दो बार उतरते हैं नीचे
उल्लेखनीय है कि मैक्जिम 1993 से इस 130 फुट ऊंचे ‘कात्सखी पिलर’ पर रह रहे हैं। वे वहां अकेले ही रहते हैं और सप्ताह में सिर्फ दो बार नीचे उतरते हैं। नीचे उतरने के लिए 131 फीट की सीढ़ियां हैं। इसमें मैक्जिम को 20 मिनट लगते हैं। बाकी समय मैक्जिम के फॉलोअर्स उन्हें जरूरत का सामान एक चकरघिन्नी के जरिए पहुंचाते हैं। बता दें कि खंभे की तरह दिखने वाले पहाड़ की चोटी पर मैक्सिम ने एक छोटी सी कॉटेज बनाई है। उसी में एक प्रार्थना कक्ष है। कुछ प्रीस्ट्स और कुछ परेशान युवा वहां कभी-कभार आकर प्रार्थना करते हैं।
युवावस्था में शराब और ड्रग्स के आदी
बता दें कि मोंक बनने से पहले मैक्जिम क्रेन ऑपरेटर का काम करते थे। मैक्जिम बताते हैं कि युवावस्था में वे शराब और ड्रग्स के आदी थे। फिर वजह से एक बार उन्हें जेल जाना पड़ा। उसके बाद उनकी जिंदगी एक दम से बदल गई। उन्होंने फैसला लिया कि वो अब मोंक बनेंगे। बताया जाता है कि जॉर्जिया में स्टीलाइटेस क्रिश्चियन संप्रदाय के लोग ऐसे ऊंचे पहाड़ों की चोटी पर रहा करते थे। उनका मानना था कि इससे वे सांसारिक प्रलोभनों से दूर रहेंगे साथ ही वो खुद को ईश्वर के नजदीक पाएंगे।
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