Kohramlive : कभी-कभी प्रकृति ऐसे रंग दिखाती है कि इंसान दंग रह जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा जल्द ही देखने को मिल सकता है United Kingdom में, जहां लगातार हो रही बारिश के बीच अब वैज्ञानिकों ने “खूनी बारिश” की चेतावनी दी है। सुनने में यह जितना डरावना लगता है, असल में इसकी वजह प्रकृति का एक दिलचस्प खेल है। विशेषज्ञों का कहना है कि आसमान से गिरने वाली बूंदें लाल रंग की दिखाई दे सकती हैं, जिससे पूरा माहौल किसी फिल्मी दृश्य जैसा लग सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह अजीबो-गरीब बारिश अफ्रीका के विशाल Sahara Desert से उड़कर आ रही लाल धूल की वजह से होगी। यह धूल यूरोप के आसमान से गुजरते हुये अब ब्रिटेन की ओर बढ़ रही है। जब यह धूल बारिश की बूंदों में घुल जायेगी, तो बारिश का रंग हल्का लाल या जंग जैसा हो सकता है। इसी घटना को आम भाषा में “ब्लड रेन” यानी खूनी बारिश कहा जाता है। इस खबर ने लोगों को थोड़ा चौंका जरूर दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बारिश थमने के बाद कारों पर, घरों की छतों पर, सड़कों और खुली सतहों पर, बस लाल धूल की पतली परत दिखाई दे सकती है। वहीं, वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इससे लोगों की सेहत पर कोई खतरा नहीं है। दरअसल यह धूल अफ्रीका के रेगिस्तानी इलाकों से उठती है और इसमें कुछ जगहों पर जलने वाले मौसमी बायोमास का हल्का धुआं भी मिल सकता है। इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहा है यूरोप का प्रतिष्ठित संस्थान
Copernicus Atmosphere Monitoring Service (CAMS)।
हजारों किलोमीटर की यात्रा करती है धूल
रेगिस्तानी इलाकों में तेज हवायें जब रेत और धूल को हवा में उठा देती हैं, तो यह कण आसमान में बहुत ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद वायुमंडल की तेज हवाएं इन्हें हजारों किलोमीटर दूर तक ले जाती हैं। इसी वजह से सहारा की धूल कई बार यूरोप और अटलांटिक पार तक पहुंच जाती है। CAMS के वरिष्ठ वैज्ञानिक Mark Parrington का कहना है कि यह घटना सुनने में डरावनी लग सकती है, लेकिन वास्तव में यह काफी सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि जनवरी से मार्च के बीच अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बायोमास जलना अपने चरम पर होता है और इसी दौरान सहारा की धूल हवाओं के साथ समुद्र पार करते हुये यूरोप तक पहुंच जाती है। उनके मुताबिक यह धूल मुख्य रूप से दक्षिणी इंग्लैंड के ऊपर ऊंचाई में गुजर सकती है, और अगर मौसम साथ देता है तो लाल रंग की बारिश भी हो सकती है।
डिस्क्लेमरः यह खबर विभिन्न वैज्ञानिक रिपोर्ट्स और मीडिया स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राकृतिक घटना है और इससे किसी प्रकार का स्वास्थ्य खतरा नहीं है।












