पूरन चंद प्रसाद (वरिष्ठ पत्रकार) : पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की प्राइम मिनिस्टर के रूप में 1988 में झारखंड की यात्रा कांग्रेसियों के लिए एक सुखद अनुभूति से कम नहीं थी। उस समय Rajiv Gandhi का बहुत क्रेज था। तब उन्होंने लोहरदगा की यात्रा सड़क मार्ग से की थी और वह खुद कार चलाकर गए थे। उनके साथ कांग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष एवं राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी भी झारखंड आईं थीं। उनका राजभवन में रात्रि विश्राम था।

Rajiv Gandhi की लोहरदगा यात्रा बहुत ही रोमांच भरी थी। वह कहीं भी अपनी कार रोक देते थे और उसके कारण पूरा कारकेड थम जाता था। एक पत्रकार के रूप में मैं भी इस यात्रा में शामिल था। राजीव गांधी कभी किसी झोपड़ी में चले जाते थे, तो कहीं वह और उनकी पत्नी आदिवासी नृत्य में शामिल हो जाते थे। वह दृश्य काफी आकर्षित करने वाला होता था। लोहरदगा में जनसभा को संबोधित करने के बाद राजीव गांधी रांची लौट आए।
रास्ते में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बूटा सिंह को ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घायलों को रांची के अस्पताल में भर्ती किया गया। राजीव गांधी ने घायल सुरक्षाकर्मियों को अपना रुमाल निकाल कर बह रहे खून को पोछा और बराबर उनके बारे में पूछताछ करते रहे। इस यात्रा के दौरान राजीव गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी ही सहजता से भेंट की थी। राजीव गांधी ने हमेशा की तरह लोहरदगा की सभा में भी कहा कि… हम केंद्र से एक रुपया भेजते हैं, लेकिन पूरा पैसा गरीबों के कल्याण में नहीं लगता। यह एक दुखद स्थिति है। तब सोनिया गांधी इंदिरा गांधी की तरह माथे पर पल्लू लेकर चल रही थी। उस समय उनका कद काठी बहुत ही दुबला था, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं थी।
Read more : सनसनीखेज खुलासा : हेमंत सरकार गिराने का गंदा खेल
Read more : रांची से किडनैप नादान आंचल मिली बैंगलोर में, इतने में हुआ था सौदा…देखें वीडियो
Read more : प्यार खटका, किया सिर धड़ से अलग… देखें वीडियो
Read more : IAS बनने की चाह में कर बैठी बड़ा गुनाह, सलाखों के पीछे गई खूबसूरत मोनिका, देखें वीडियो








