Kohramlive : अप्रैल में ही आसमान से आग बरसने लगी थी। भारत के कई शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। लोग पंखे और कूलर के सामने भी पसीने से तर दिखे। हालांकि मई की शुरुआत में आई आंधी और बारिश ने थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन अब मौसम वैज्ञानिकों ने एक नई और डराने वाली चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि 9 मई के बाद मौसम तेजी से करवट ले सकता है। दुनिया पर “सुपर अल-नीनो” का खतरा मंडरा रहा है, जो 2026 को इतिहास के सबसे गर्म वर्षों में बदल सकता है। सुपर अल-नीनो एक प्राकृतिक मौसमी घटना है, जो प्रशांत महासागर के पानी के असामान्य रूप से गर्म होने पर पैदा होती है। जब समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है, तब उसे “सुपर अल-नीनो” कहा जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि 2026 में बनने वाला अल-नीनो पिछले 140 वर्षों में सबसे शक्तिशाली साबित हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अल-नीनो का सबसे बड़ा असर मानसून पर पड़ता है। इससे बारिश का पैटर्न बिगड़ सकता है और कई राज्यों में सूखे जैसे हालात बन सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मानसून कमजोर पड़ा, तो खेती और जलसंकट दोनों बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
IMD और वैज्ञानिकों की चेतावनी
India Meteorological Department यानी IMD ने भी संकेत दिये हैं कि मई के बाद कई इलाकों में भीषण हीटवेव का खतरा बढ़ सकता है। खासकर गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत, उत्तर-पश्चिम भारत में दिन के साथ रात का तापमान भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं World Meteorological Organization ने चेतावनी दी है कि मई से जुलाई 2026 के बीच अल-नीनो के पूरी तरह सक्रिय होने की 61 फीसदी संभावना है। हालिया अध्ययनों में दावा किया गया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रशांत महासागर का बढ़ता तापमान भारतीय मानसूनी हवाओं को कमजोर कर देता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ अभी से जल संरक्षण की सलाह दे रहे हैं।
ग्लोबल वार्मिंग ने बढ़ाई चिंता
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती पहले ही ग्लोबल वार्मिंग की वजह से गर्म हो चुकी है। ऐसे में सुपर अल-नीनो का असर और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। NASA और National Oceanic and Atmospheric Administration के वैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया का औसत तापमान पहले ही 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। अगर अल-नीनो का असर बढ़ा, तो इसमें और इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि बेमौसम बारिश, तेज आंधी, अचानक तूफान, लंबे हीटवेव जैसी घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
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