spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

11 तरह के हॉर्न बजाती है ट्रेन, किसका क्या है मतलब… जानें यहां

Date:

spot_img
spot_img

Kohramlive : हम सबने ट्रेन का हॉर्न सुना ही होगा। हॉर्न देने का मेन मकसद सामने खड़े लोगों को सतर्क करना होता है, ताकि वह जान जाएं कि गाड़ी आ रही है। लेकिन जब बात रेलगाड़ी की आती है तो लोको पायलट सिर्फ लोगों को सतर्क करने के लिए ही हॉर्न नहीं देता है। हॉर्न का उपयोग लोको पायलट यात्रियों को सतर्क करने से लेकर रेलवे स्‍टॉफ के साथ संकेतों में बातचीत करने तक के लिए करता है। एक ट्रेन 11 तरह के हॉर्न बजाती है।

लोको पायलट कभी छोटा हॉर्न देता है तो कभी लंबा हॉर्न। हर हॉर्न के अलग-अलग संकेत होते हैं। जब लोको पायलट एक बार धीरे से हॉर्न बजाता है तो उसका मतलब कुछ और होता। वहीं, जब वह किसी क्रॉसिंग को पार करते हुए बहुत लंबा और तेज हॉर्न देता है तो उसका अर्थ कुछ और होता है।

धुलाई के लिए छोटा हॉर्न

जब ट्रेन को सफाई की जरूरत पड़ती है, तब लोको पायलट स्‍टेशन पर छोटा हॉर्न देता है। इसका मतलब है कि ट्रेन यार्ड में धुलाई और सफाई के लिए जाने को तैयार है।

दो छोटे हॉर्न

स्‍टेशन पर खड़ी ट्रेन जब दो छोटे हॉर्न देकर लोको पायलट ट्रेन के गार्ड को संकेत बताता है कि समय हो गया है, ट्रेन चलने को तैयार है। इसके बाद गार्ड सिग्‍नल देता है और ट्रेन चल पड़ती है।

तीन छोटे हॉर्न

इनकी जरूरत बहुत कम ही पड़ती है। तीन छोटे हॉर्न का संकेत एमरजेंसी की स्थिति में दिया जाता है। ऐसे में लोको पायलट हॉर्न बजाकर गार्ड को इशारा देता है कि उसका ट्रेन से कंट्रोल खत्म हो गया है और गार्ड तत्काल वैक्यूम ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोके।

चार छोटे हॉर्न

ट्रेन में तकनीकी खराबी आने पर लोको पायलट चार छोटे हॉर्न का इस्‍तेमाल करता है। इसलिए अगर अगली बार चार छोटे हॉर्न सुने तो समझ जाएं कि अब ट्रेन आगे नहीं चल पाएगी।

एक लंबा, एक छोटा हॉर्न

लोको पायलट इंजन को शुरू करने से पहले गार्ड को ब्रेक पाइप सिस्टम सेट करने के लिए सिग्नल देने के लिए एक लंबा और एक छोटा हॉर्न देता है।

दो छोटे और एक लंबा हॉर्न

जब कोई ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींच दे या फिर गार्ड ने वैक्यूम ब्रेक लगाया हो, तब लोको पायलट दो छोटे और एक लंबा हॉर्न बजाकर गार्ड को इंजन का कंट्रोल लेने के लिए संकेत देता है।

लगातार हॉर्न

ट्रेन लंबा हॉर्न या लगातार लंबे हॉर्न दे तो इसका इशारा यात्रियों के लिए होता है कि आने वाले स्‍टेशन पर ट्रेन रुकेगी नहीं, बल्कि सीधे निकल जाएगी।

दो बार रुककर हॉर्न

दो बार रुककर हॉर्न बजे तो समझ जाइए कि ये रेलवे क्रॉसिंग के पास के लोगों को सतर्क करने के लिए है। इसका मतलब है कि ट्रेन गुजरने वाली है, रेलवे लाइन से दूर हट जाइए।

दो लंबे और एक छोटा हॉर्न

यात्रा के दौरान ट्रेन जब ट्रैक बदलती है तो लोको पायलट दो लंबे और एक छोटा हॉर्न देकर बताता है कि वह ट्रैक बदल रहा है।

छह बार छोटे हॉर्न

जब ट्रेन किसी मुश्किल में फंस जाती है तो लोको पायलट छह बार छोटे हॉर्न बजाकर नजदीकी स्‍टेशन से मदद मांगता है। ये खतरा ट्रेन के चोर या बदमाश से घिरने का या दुर्घटना आदि के लिए सतर्क होने का हो सकता है।

इसे भी पढ़ें : फहाद अहमद की हुई स्वरा भास्कर, ऐसा वीडियो किया शेयर… देखें

इसे भी पढ़ें : टो ट्रेनों में आमने-सामने जोरदार टक्कर, फिर क्या हुआ… देखें वीडियो

इसे भी पढ़ें : Exit poll को लेकर इलेक्शन कमीशन का बड़ा ऐलान… देखें क्या

इसे भी पढ़ें : बच गये टेम्पू में सफर कर रहे लोग, हो जाता बड़ा हादसा… देखें कैसे

इसे भी पढ़ें : एक दिन में रांची को 99 करोड़ का नुकसान… देखें क्यों

इसे भी पढ़ें : फीस कम कराने के नाम पर 5 लाख गटके… देखें कैसे

इसे भी पढ़ें : ऐसा गांव जहां लोग रिश्ता नहीं करना चाहते… देखें क्यों

इसे भी पढ़ें : बारात से पहले दूल्हे का अंत, ”मेल्विन” खोल गई राज, क्या बोलें SP देखें…

इसे भी पढ़ें : नाम और पहचान तक बदल डाला था पंचायत भवन उड़ाने वाला खूंखार हाबिल… देखें

इसे भी पढ़ें :

तार पर बैठकर भी पक्षियों को क्यों नहीं लगता करंट, जानें…

Kohramlive : आपने अक्सर देखा होगा कि चिड़िया, कबूतर...

अब किराये पर मिलेगा बॉयफ्रेंड, रिश्तों का नया कारोबार…

Kohramlive : बदलती लाइफस्टाइल, भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते...

नींद की दहलीज पर पहुंचते ही क्यों लगता है डर का झटका? जानें…

Kohramlive : क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ...
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

तार पर बैठकर भी पक्षियों को क्यों नहीं लगता करंट, जानें…

Kohramlive : आपने अक्सर देखा होगा कि चिड़िया, कबूतर...

अब किराये पर मिलेगा बॉयफ्रेंड, रिश्तों का नया कारोबार…

Kohramlive : बदलती लाइफस्टाइल, भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते...

नींद की दहलीज पर पहुंचते ही क्यों लगता है डर का झटका? जानें…

Kohramlive : क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ...