Ranchi : झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मानव संसाधन एवं प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों की नियुक्ति का विरोध करते हुए झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) को ज्ञापन सौंपा है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासनिक पदों पर प्रशासन संवर्ग के अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की गई है। संघ ने कहा कि निगम और इसकी अनुषंगी कंपनियों में मानव संसाधन एवं प्रशासन से जुड़े पदों पर तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों की पदस्थापना नियमों के विपरीत है।
संघ के प्रमुख आरोप
- नियुक्तियां स्थायी आदेश संख्या-804 दिनांक 27 अगस्त 1998 के खिलाफ बताई गई।
- सेवा नियमावली का उल्लंघन होने का आरोप लगाया गया।
- प्रशासनिक पदों पर प्रशासन संवर्ग की नियुक्ति को नियमसम्मत बताया गया।
- वर्तमान व्यवस्था को निगम हित के खिलाफ बताया गया।
लगाये गये ये आरोप
- प्रशासनिक निष्क्रियता बढ़ने का आरोप
- लालफीताशाही की स्थिति बनने का दावा
- पक्षपातपूर्ण निर्णय लेने की शिकायत
- कर्मचारियों के बीच भेदभाव का आरोप
- संघ ने झारखंड राज्य बिजली बोर्ड के विभाजन के बाद कर्मचारियों के अंतिम आवंटन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाये।
संघ का दावा
- आवंटन प्रक्रिया को जानबूझकर विवादित बनाया गया।
- मनमाने तरीके से प्रोन्नति और पदस्थापन किये गये।
- ORGANIZATION STRUCTURE और DESTINATION MAPPING को सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
अतिरिक्त तकनीकी पद सृजित करने पर आपत्ति
ज्ञापन में कहा गया कि तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों की प्रोन्नति के लिए 64 अतिरिक्त तकनीकी पद स्वीकृत किये गये।
संघ की आपत्तियां
- निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ने का आरोप
- मामला उच्च न्यायालय में लंबित होने की जानकारी
- निर्णय को कर्मचारी हित के खिलाफ बताया गया
सीकिदरी हाइडल प्रोजेक्ट का भी किया जिक्र
- संघ ने वर्ष 2025-26 में सीकिदरी हाइडल प्रोजेक्ट से शून्य विद्युत उत्पादन को प्रशासनिक विफलता करार दिया।
- संघ का कहना है कि पुराने उपकेंद्रों और लाइनों पर नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं।
- नये उपकेंद्रों और ग्रिडों में पर्याप्त नियुक्तियां नहीं हुई।
- एजेंसियों के माध्यम से दैनिक वेतनभोगियों पर निर्भरता बढ़ी।
- इससे निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- संघ ने CMD से प्रशासनिक पदों पर तत्काल बदलाव करने की मांग की है।
प्रमुख मांगें
- मानव संसाधन एवं प्रशासन पदों से तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों को हटाया जाये।
- प्रशासन एवं कार्मिक संवर्ग के योग्य अधिकारियों की नियुक्ति हो।
- निगम में पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित किया जाये।
- कर्मचारी हित में निर्णय लिए जायें।
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