Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में DC अनन्य मित्तल के निर्देश पर शिक्षा जगत की हकीकत जानने के लिये औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। कई स्कूलों में बच्चे तो समय पर स्कूल पहुंचे, लेकिन कुछ जगहों पर गुरुजी ही नदारद मिले। कहीं स्कूल का ताला बंद था, तो कहीं पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही थी।
67 स्कूलों में एक साथ पड़ी प्रशासन की नजर
जिले के प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों समेत कुल 67 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। इस अभियान में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल रहे। टीम ने स्कूलों में पहुंचकर सिर्फ हाजिरी रजिस्टर ही नहीं देखा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और मध्याह्न भोजन व्यवस्था तक की जांच की।
कई जगह गुरुजी गायब, कहीं स्कूल ही बंद
निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षक अनुपस्थित पाये गये। प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुये संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांग लिया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सबसे चौंकाने वाला मामला रंका क्षेत्र में सामने आया, जहां उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कोलोदोहर पूरी तरह बंद मिला। स्कूल बंद मिलने पर अधिकारियों ने संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारियों से जवाब तलब किया है।
कस्तूरबा स्कूलों की भी हुई जांच
केवल सामान्य विद्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (KGBV) और JBAV का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने छात्राओं को मिलने वाली शिक्षा, भोजन, आवास, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिये।
अब लापरवाही पर होगी सख्ती
जिला प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि सरकारी स्कूलों में अब मनमानी नहीं चलेगी। प्रशासन का कहना है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचें, इसके लिए आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। गढ़वा में चले इस अभियान के बाद शिक्षा विभाग में तहलका मचा हुआ है। अब देखने वाली बात होगी कि कार्रवाई का असर स्कूलों की व्यवस्था पर कितना पड़ता है।
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