Kohramlive : नींद, खानपान और जीवनशैली ही असली इलाज है। ILBS के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन कहते है “अगर आप अपने पेट और आंतों को डस्टबिन समझते हैं, तभी जंक फूड खाइये, वरना इससे बचिये।” देश के मशहूर लिवर विशेषज्ञ और इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन ने सोशल मीडिया पर अपनी एक सीधी-सी बात से सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि जंक फूड सिर्फ कूड़े में फेंकने लायक होता है और इसे लगातार खाने से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। “ताकत, पैसा और पद के पीछे भागते-भागते सेहत खो देना सबसे बड़ी मूर्खता है। एक अच्छी नींद और स्वस्थ शरीर ही असली सुख है।”
लिवर की सेहत = अच्छी नींद + अच्छा खाना
डॉ. सरीन ने साफ कहा कि देर रात खाना और जागना, दोनों आदतें लिवर के लिए खतरनाक हैं। नींद पूरी न होने से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया प्रभावित होते हैं। यही बैक्टीरिया शरीर की पाचन शक्ति और इम्यून सिस्टम में अहम भूमिका निभाते हैं।
जंक फूड से क्या होता है?
- हाई फैट, हाई शुगर और प्रोसेस्ड चीजों से बना जंक फूड
- बढ़ाता है मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल
- नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का कारण बनता है
- आगे चलकर हो सकता है सिरोसिस या लिवर कैंसर
नींद की अहमियत
रिसर्च के मुताबिक, जो लोग समय पर नहीं सोते, या पर्याप्त नींद नहीं लेते, उनमें फैटी लिवर की आशंका काफी ज्यादा होती है। सोने से पहले भारी खाना खाने से शरीर फैट और कार्ब्स को पचा नहीं पाता, और ये सीधे लिवर में जमा हो जाते हैं। NAFLD को अब कहा जाता है: MAFLD (Metabolic dysfunction-associated steatotic liver disease)। यह बीमारी अब मेटाबॉलिक सिंड्रोम (जैसे मोटापा, डायबिटीज, हाई बीपी) से जोड़कर देखी जा रही है।
भारत में लिवर संकट
- देश में हर 10 में से 3 व्यक्ति फैटी लिवर से पीड़ित
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सितंबर 2024 में इसके लिए नये दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी किये
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