UP : यूपी के हमीरपुर के खंडेह गांव में सोमवार को हंसते-खेलते घर से निकले तीन जिगरी दोस्त सदा के लिये इस दुनिया को अलविदा हो गये। कक्षा छह में पढ़ने वाले प्रबल, आदित्य और भोला उर्फ सुमित की तालाब में डूबने से मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीण बताते हैं कि तीनों दोस्त साये की तरह साथ रहते थे। स्कूल जाना हो, खेलना हो या गांव की गलियों में घूमना, तीनों हर वक्त एक साथ नजर आते थे। वहीं, मौत के बाद भी तीनों के शव एक ही वाहन से पोस्टमार्टम हाउस से गांव लाये गये।
मां ने कहा था, तालाब में मत जाना
आदित्य अपनी मां पूजा से यह कहकर घर से निकला था कि वह भोला के साथ मंदिर के पास खेलने जा रहा है। मां ने उसे जल्दी लौटने और तालाब में न नहाने की हिदायत भी दी थी। लेकिन कुछ घंटों बाद उसी तालाब से बेटे के डूबने की खबर आई। यह खबर सुनते ही मां बेसुध हो गई। प्रबल के पिता घनश्याम यादव खेती-किसानी कर परिवार चलाते हैं। परिवार के पास करीब दो बीघा जमीन है। बड़े भाई निशांत ने बताया कि प्रबल पढ़ाई में तेज था और बड़ा होकर दरोगा बनना चाहता था। लेकिन गांव की पगडंडी पर दौड़ते उस बच्चे का सपना तालाब के गहरे पानी में हमेशा के लिये डूब गया। वहीं, भोला उर्फ सुमित की जिंदगी संघर्षों से भरी थी। उसके माता-पिता कानपुर के पास ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह गांव में अपनी दादी यशोदा के साथ रहता था। पिता सीताराम कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि भोला पढ़ाई में अच्छा था और दादी के साथ सोमवार बाजार में खेत की सब्जियां बेचने में मदद भी करता था। एक साथ तीन बच्चों की मौत के बाद खंडेह गांव में मातम पसरा हुआ है।हर घर की आंखें नम हैं। कोई प्रबल की मासूमियत याद कर रो रहा है, तो कोई भोला की मुस्कान को याद कर सिसक उठता है।
परिजनों को मिलेगी आर्थिक सहायता
SDM करणवीर सिंह ने मीडिया को बताया कि तीनों मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि हादसे की पूरी जांच कराई जा रही है और तालाब की स्थिति की भी जानकारी ली जा रही है।
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