Palamu : गांव की भोली-भाली महिलाओं को आभूषण चमकाने का लालच देकर ठगने वाला एक अंतरराज्यीय गिरोह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में सक्रिय इस शातिर गिरोह का खुलासा एक महिला की हिम्मत से हुआ। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुये गिरोह के सभी छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किये गये सभी ठगों का पुलिस ने अपने अंदाज में इलाज किया। पकड़े गये ठग बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। ये लोग लंबे समय से गांव-गांव घूमकर महिलाओं को अपना निशाना बना रहे थे।
पहले चमकाते थे चांदी, फिर गायब कर देते थे सोना
पलामू के SDPO प्रशांत प्रसाद ने मीडिया को बताया कि गिरोह बेहद चालाकी से लोगों का भरोसा जीतता था। अपराधी पहले चांदी के आभूषणों को एक विशेष एसिड और केमिकल से साफ कर चमका देते थे। इससे लोगों का विश्वास बढ़ जाता था। इसके बाद वे महिलाओं से सोने के जेवर साफ कराने के लिये लेते और मौका मिलते ही असली गहने गायब कर देते थे। महिलाओं को कागज में लपेटकर एक पैकेट थमा दिया जाता था और कुछ समय बाद खोलने की सलाह दी जाती थी। जब तक सच्चाई सामने आती, ठग काफी दूर निकल चुके होते थे। यह मामला हुलसी गांव में सामने आया। मंगलवार को दो युवक गांव पहुंचकर अनीता देवी के घर गये। उन्होंने पहले एक चांदी की अंगूठी साफ कर दिखाई। अंगूठी चमकती देखकर अनीता देवी का भरोसा बढ़ गया और उन्होंने अपना सोने का मंगलसूत्र साफ करने के लिये दे दिया। ठगों ने चालाकी से असली मंगलसूत्र छुपा लिया और बदले में पाउडर का पैकेट देते हुये कहा कि कुछ देर बाद इसे खोलना। लेकिन अनीता देवी को उनकी गतिविधियों पर शक हो गया। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को रोक लिया और तलाशी ली। तलाशी के दौरान असली मंगलसूत्र बरामद हो गया और पूरा खेल सामने आ गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता चला। पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के कुल छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
बिहार से आकर चलाते थे ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में प्रिंस कुमार, राहुल कुमार और रोहित कुमार सुपौल जिले के जदिया बाजार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वहीं प्रभु कुमार शाह, रोहन कुमार और अक्षय कुमार अररिया जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला सफेद पाउडर, एसिड (तेजाब), लोहे का कटर, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद सामानों से यह संकेत मिलता है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से कई इलाकों में ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। SDPO प्रशांत प्रसाद ने आम लोगों से अपील की है कि वे सड़क या गांव में घूमने वाले अज्ञात आभूषण साफ करने वालों के झांसे में न आयें। उन्होंने मकान मालिकों से भी कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति को किराये पर कमरा देने से पहले उसका पुलिस सत्यापन और पहचान पत्र की जांच अवश्य करें।
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