RANCHI :बाबू, घर का गाय-गोरू,मुर्गा-मुर्गी, बकरी बेचकर किसी तरह जुटाया था पैसा। उपर से 50 हजार रुपया नारी समिति से कर्ज भी लिया। सारा पैसा झोंक दिया। पूरा कुआं खुदा भी नहीं और धंस गया। हमसे कहा गया था अपना पैसा लगाकर कुआं खोद लो, तेरा पेमेंट हो जाएगा। 32 फुट खुदाई के बाद जब कुआं धंस गया तो पैसा मांगने गए ब्लॉक में। वहां जो पता चला उसे सुन मेरा माथा ठनक गया। शिकायत लेकर साहब से मिले तो पता चला पैसा लाभुक के अकाउंट में जाने का नियम है। अकाउंट में पैसा भी नहीं गया, निकल भी गया। जब खूब हल्ला करने लगे तो 42 हजार के बाउचर पर साइन कराकर 18 हजार थमा दिया गया। कुआं की खुदाई मनरेगा योजना के तहत कर रहे थे। यह कहना है लाभुक सावधानी कुजूर के पति नोवेल जन कुजूर का।
उसने इसकी शिकायत बिरसा मुंडा भ्रष्टाचार निरोधक संगठन के सदस्यों से भी किया है। संगठन के लोग यह बात मनरेगा आयुक्त से लेकर डीसी तक ले गए। उपर से सवाल-जवाब होने लगा तो हाय-तौबा मचनी शुरू हो गई। कुछ लाभुकों को भरोसा दिलाया गया है कि तुम्हारा काम हो जाएगा। कोई पूछे तो किसी को कुछ नहीं बताना है। देखें, सुनें समझें, क्या बोल गए लाभुक, समाजसेवी, वार्ड सदस्य और बीडीओ
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