Ranchi : रांची और लातेहार के बीच दहशत का नाम बन चुका TSPC का सब-जोनल कमांडर विरम राम उर्फ विक्रम जी उर्फ अरविन्द जी आखिरकार रांची पुलिस के शिकंजे में आ गया। वह चंदवा के धोबी टोला से पकड़ा गया। रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात विरम राम अपने घर आया हुआ है। इसके बाद SSP ने एक स्पेशल टीम बनाई। गठित टीम ने खलारी और चंदवा पुलिस की मदद से विरम राम को दबोच लिया। उसने पुलिस को देख घर के पीछे के रास्ते से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने कई उग्रवादी घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की। वहीं, बुढ़मू क्षेत्र के ईंट भट्ठा फायरिंग केस में भी संलिप्तता मानी। उसकी निशानदेही पर छापर गांव से 9 mm पिस्टल, मैग्जीन. 7 जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन एवं 2 राउटर बरामद किये गये। विरम राम गुजरे 15 वर्षों से TSPC से जुड़ा था। वह बुढ़मू, ठाकुरगांव, पतरातु, खलारी, कांके, केरेडारी, पिपरवार, पिठोरिया, मैक्लुस्कीगंज और रातू इलाकों में एक्टिव था। उसकी फितरत ठेकेदार, कारोबारी, कोयला व्यवसायी को फोन पर धमकी देकर लेवी वसूलने और रंगदारी नहीं मिलने पर फायरिंग और आगजनी जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने की थी। उसके खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। रांची के पिठोरिया, बुढ़मू, ठाकुरगांव, रातू और अन्य थानों में कई गंभीर केस उसके नाम दर्ज है।
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