Ramgarh : रामगढ़ के पतरातू डैम में प्रशासन ने बोटिंग को लेकर कड़ा फैसला लिया है, अब बिना शपथ पत्र कोई नाव पानी में नहीं उतरेगी। बरगी हादसे के बाद यह फैसला लिया गया है। बीते 30 अप्रैल को बरगी डैम में हुये क्रूज हादसे ने देश को हिला दिया। इसी हादसे के बाद पतरातू डैम में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा तेज कर दी गई। पतरातू के SDO अनुराग तिवारी ने इस मसले पर पतरातू लेक रिसॉर्ट में बैठक की। नाव संचालकों और अधिकारियों को साफ चेतावनी दी गई कि पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
शपथ पत्र जरूरी, तभी होगी बोटिंग
बैठक में तय किया गया कि अब हर नाव संचालक को शपथ पत्र देना होगा। सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट अनिवार्य है। क्षमता से अधिक सवारी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रशिक्षित नाविक ही नाव चलायेंगे। आपातकालीन व्यवस्था हर समय मौजूद रहे। जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होगी बोटिंग पूरी तरह बंद रहेगी। अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। पारंपरिक नावों और स्पीड बोट की तकनीकी जांच हुई। कई जगह कमियां मिलीं, इसपर तुरंत सुधार के निर्देश दिये गये। सुरक्षा मानकों पर सख्ती बरतने को कहा गया है। प्रशासन का अल्टीमेटम दिया है कि नियमित जांच अभियान चलेगा, नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा। वहीं, जुर्माना भी तय किया गया है।
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