Kohramlive : इस बार होली के रंगों के बीच आसमान भी रंगा नजर आयेगा। पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना होगी, जिसमें चंद्रमा ताम्बई या गहरे लाल रंग का दिखेगा, जिसे आम तौर पर ब्लड मून कहा जाता है। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, भारत में यह ग्रहण ग्रस्तोदय के रूप में दिखाई देगा। यानी जब चंद्रमा उदित होगा, तब उस पर पहले से ग्रहण लगा होगा। यह चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया और नॉर्थ अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। विश्व की लगभग 63% आबादी इस ग्रहण का कुछ न कुछ भाग देख सकेगी।
भारत में कब दिखेगा?
ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 3:20 बजे (भारत में चंद्रोदय नहीं होगा)
आंशिक ग्रहण समाप्ति: शाम 6:47 बजे
भारत में दृश्यता: सूर्यास्त के बाद, कुछ मिनटों के लिए
पूर्वोत्तर और पूर्वी इलाकों में यह अधिक देर तक दिखेगा, क्योंकि वहां चंद्रोदय जल्दी होता है।
क्यों लाल दिखता है चांद?
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की नीली रोशनी को बिखेर देता है और केवल लाल प्रकाश चंद्रमा तक पहुंचता है। इसी कारण चंद्रमा तांबे या खून जैसे लाल रंग का दिखता है, इसलिए नाम पड़ा ब्लड मून। इसे नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है, किसी विशेष चश्मे की जरूरत नहीं।
मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में समय
सबसे पहले — सिंगरौली: 6:01 PM
सबसे बाद — अलीराजपुर: 6:37 PM
भोपाल: 6:24 PM
इंदौर: 6:30 PM
जबलपुर: 6:13 PM
ग्वालियर: 6:19 PM
उज्जैन: 6:30 PM
अन्य शहरों में समय 6:01 से 6:37 PM के बीच रहेगा… यह साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण है और होली के आसपास पड़ने से इसका रोमांच और बढ़ गया है।
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