Ranchi : झारखंड के राज्यसभा चुनाव में बुधवार की शाम एक ऐसा फैसला आया, जिसने राजनीतिक गलियारों का तापमान अचानक बढ़ा दिया। निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त निर्वाची पदाधिकारी ने सभी आपत्तियों को खारिज करते हुये नाथवानी के नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया। फैसले के बाद जहां नाथवानी समर्थकों और भाजपा खेमे में संतोष दिखाई दिया, वहीं कांग्रेस ने इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुये इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने वाला फैसला बताया है।
आपत्ति, सुनवाई और फिर फैसला
राज्यसभा चुनाव के लिये नामांकन दाखिल करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के प्रस्तावक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्ति में नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों और प्रक्रिया संबंधी सवाल उठाये गये थे। इसके बाद पूरे मामले पर विस्तृत सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने नाथवानी का नामांकन वैध करार देते हुये आदेश जारी कर दिया। बुधवार शाम करीब छह बजे इस फैसले की प्रति याचिकाकर्ता नमन विक्सल कोंगाड़ी और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को सौंप दी गई। फैसले के बाद कांग्रेस ने खुलकर नाराजगी जताई है। वहीं याचिकाकर्ता नमन विक्सल कोंगाड़ी ने फैसले को अनुचित बताते हुये मीडिया से कहा कि जिन आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिये था, उन्हें नजरअंदाज किया गया। दूसरी ओर भाजपा ने निर्वाची पदाधिकारी के फैसले का स्वागत किया है। नामांकन विवाद पर फैसला आने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजरें 18 जून को होने वाले मतदान पर टिक गई हैं।
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