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घर के आंगन से बच्चे को उठा ले गया आदमखोर, फिर क्या हुआ… देखें

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Kohramlive : घर के आंगन में भाई-बहनों के साथ पढ़ रहे बच्चे कमल बैगा को एक तेंदुआ उठाकर ले गया। बाद में जंगल में कमल की डेड बॉडी मिली। लगभग 11 साल के कमल की डेड बॉडी देखते ही लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। करीब एक माह पहले भी 4 साल के एक बच्चे को तेंदुआ उठा ले गया था उसे अपना निवाला बना लिया था। इस बच्चे को उसके माता-पिता के सामने उठा कर ले जाया गया था। गुजरे एक माह के अंदर दो बच्चों को आदमखोर तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को खूब खरी-खोटी सुनाई गई। वहीं कुछ को पीटा भी गया। गांव वालों के हमले में एक रेंजर महावीर पांडेय जख्मी हो गये। बहुत समझाने-बुझाने के बाद गांव वालों का गुस्सा शांत हुआ। वन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर हरिओम द्विवेदी ने ऐलान किया है कि 24 घंटे के अंदर 8 लाख रुपए की सहायता राशि पीड़ित बच्चे के परिवार के खाते में भेज दी जायेगी। वहीं तत्काल ट्राइबल विभाग से 10 हजार रुपए एवं पंचायत से 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। दिल दहला देने वाले इस भयानक कांड के बाद से पूरे गांव में दहशत है। लोगों ने अपने-अपने बच्चों को अपनी हिफाजत में रखना शुरू कर दिया है। वहीं वन विभाग ने अपील है कि बच्चों को घर से अकेले नहीं निकलने दें। यह सनसनीखेज वारदात MP स्टेट के सीधी शहर के संजय गांधी टाइगर रिजर्व के गिजोहर गांव से सामने आई है। वहीं आदमखोर तेंदुए के वार की कई वारदातें झारखंड में भी हो चुकी है।

घटना को लेकर जो बातें अबतक सामने आई है, उसके अनुसार शनिवार की रात 8 बजे के करीब 11 साल का कमल बैगा अपने घर के आंगन में पढ़ रहा था। वह चौथी में पढ़ता था। कमल के साथ उसके 3 भाई-बहन भी पढ़ रहे थे। मां घर के काम में जुटी थी, वहीं पिता राम बहादुर बैगा अपने काम में लगे हुये थे। अचानक एक तेंदुआ आंगन में घुस आया और झपट्टा मार कमल को उठा ले गया। तेंदुआ जंगल की तरफ भागा। साथ पढ़ रहे भाई-बहनों की चीख पर घर के और आसपास से जुटे लोग रात में ही बच्चे को खोजने निकल पड़े, पर बच्चे का कुछ पता नहीं चला। वन विभाग को भी इस बात की सूचना दी गई। दूसरे दिन भी यानी रविवार को भी गांव के लोग बच्चे को खोजने निकले। वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची। टीम को देखते ही लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। एक माह पहले भी एक बच्चे को तेंदुआ उठा ले गया था। टीम को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। बहुत मशक्कत के बाद बच्चे की डेड बॉडी उसके घर से कुछ दूर संजय गांधी टाइगर रिजर्व के जंगल में मिला। बाद में मौके पर जिला प्रशासन के कई छोटे-बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। गुस्साये लोगों को बहुत समझाया-बुझाया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।

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