Garhwa(Nityanand Dubey) : गर्मी थी तेज, मगर जनता की उम्मीदें इससे भी ज्यादा तप रही थीं, गढ़वा के भवनाथपुर प्रखंड कार्यालय के बाहर कुछ ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन अंदर…दरवाजे बंद, कुर्सियां खाली, और सरकारी कामकाज पूरी तरह गायब। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें देखा गया कि दोपहर 12 बजे के बाद प्रखंड कार्यालय सुनसान पड़ा था, न कोई अफसर, न कोई बाबू… बस दीवारें और बंद ताले। “सरकारी जिम्मेदारी कोई विकल्प नहीं, कर्तव्य है।” यही संदेश देते हुये DC ने भवनाथपुर BDO से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, सभी अधिकारियों व कर्मियों के वेतन और मानदेय पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया गया। DC ने कहा “जब जनता प्रखंड कार्यालय का रुख करती है, तब उसे दरवाजे नहीं, समाधान चाहिये।” वहीं, दूसरी तरफ एक बुजुर्ग महिला बोली, “बेटा, हम शिकायत लेकर गये थे, तलाशी दरवाजे की मिलल… अफसर के ना…ई सरकार तनख्वाह त समय पर देती, फिर जनता के सेवा में देरी काहे?”
अब बायोमेट्रिक अनिवार्य
DC शेखर जमुआर ने निर्देश दिया है कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें, बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता पर सुना जाये। प्रशासन ने जिले भर के सभी चापानलों, जालमीनार और सरकारी प्याऊ की स्थिति सुधारने का आदेश दिया है। कई चापानल मरम्मत के बाद चालू कर दिये गये हैं।
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