Kohramlive : चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आने वाली कामदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित बेहद पावन व्रत मानी जाती है। “कामदा” यानी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इस दिन व्रत, पूजा और कथा पाठ करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और एकादशी कथा सुनने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। कथा का पाठ करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भोगीपुर के गंधर्व ललित को राजा के श्राप से राक्षस बनना पड़ा। उसकी पत्नी ललिता ने हार नहीं मानी और ऋषि के कहने पर कामदा एकादशी का व्रत किया। अपने व्रत का फल पति को अर्पित करते ही ललित श्राप से मुक्त होकर फिर अपने असली रूप में लौट आया। यह व्रत सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम और समर्पण की ताकत का प्रतीक है। सच्ची श्रद्धा से किया गया व्रत न सिर्फ कष्ट दूर करता है, बल्कि जीवन को नई दिशा भी देता है।
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