Khunti : खूंटी के उलिहातू में आज गर्व और इतिहास एक साथ जीवंत नजर आया, जब देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पहुंचे। जैसे ही उनका काफिला गांव में दाखिल हुआ, “जोहार” की गूंज और पारंपरिक स्वागत ने माहौल को खास बना दिया। उपराष्ट्रपति ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा और जन्मस्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि उनका संघर्ष और बलिदान आज भी देश के युवाओं के लिए रास्ता दिखाता है। यह सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि एक जीवित प्रेरणा है। दौरे के दौरान उन्होंने बिरसा मुंडा के वंशजों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। गांव के लोगों में इस पल को लेकर खास उत्साह दिखा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनना चाहता था। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि यह दौरा औपचारिकता से आगे बढ़कर झारखंड की अस्मिता और आदिवासी गौरव को सम्मान देने का प्रतीक बन गया।















