Garhwa(Nityanand Dubey) : कभी सूखे कुएं और प्यासे खेतों की कहानियां सुनाने वाली धरती पर अब पानी बचाने और सहेजने की नई इबारत लिखी जा रही है। गांव-गांव तक साफ पानी पहुंचाने के संकल्प के साथ मनाया गया World Water Day और जल महोत्सव पखवाड़ा रविवार को स्थानीय समाहरणालय सभागार में प्रेरणादायी माहौल के बीच संपन्न हो गया। 8 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों की गलियों, पंचायतों के चौपाल और लोगों के दिलों तक पहुंचा। समापन समारोह में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुये DDC पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमानत है। उन्होंने जलसहियाओं को प्रेरित करते हुये कहा कि वे गांवों में लोगों को जल शुल्क जमा करने के लिये जागरूक करें, ताकि योजनाओं का संचालन और रख-रखाव बेहतर तरीके से हो सके। उन्होंने भरोसा जताया कि जय जीवन मिशन के तहत गढ़वा आने वाले समय में एक आदर्श जिला बन सकता है। कार्यक्रम में मौजूद मुखियाओं और जलसहियाओं ने भी खुलकर अपने अनुभव साझा किये। किसी ने बताया कि नल-जल योजना को गांव तक पहुंचाने में कितनी चुनौतियां आईं, तो किसी ने कहा कि जनभागीदारी से हर मुश्किल आसान हो जाती है। पेयजल और स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले मुखियाओं और जलसहियाओं को मंच पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और मेहनत की पहचान बन गया। वहीं, गांवों में पाइपलाइन या तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक करने वाले प्लंबरों को ‘टूल किट’ देकर प्रोत्साहित किया गया, ताकि वे गांवों की जल व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने में और मजबूत भूमिका निभा सकें।
योजनाओं की जानकारी और भविष्य की दिशा
कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी पहलुओं और आने वाले लक्ष्यों पर भी चर्चा की और सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर विभाग के सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, बड़ी संख्या में मुखिया, जलसहिया और प्लंबर मौजूद थे।
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