Kohramlive : क्या बताये सर… मेरा जवान बेटा मारा गया। सहारा छिना गया। बेटा फीडर था। 4 महीने बाद उसकी नौकरी पक्की होने वाली थी। मेरा दिन अच्छा होने वाला था। लेकिन एमडीयू थ्रिवेणी सैनिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की एक बोलेरो चालक की लापरवाही से उनके बेटे प्रभाकर कुमार की जान चली गयी। वह मेरे सामने ही छटपटा कर मर गया। यह थ्रिवेणी कंपनी NTPC से टैग है। कंपनियों की गाड़ी से कुचलकर ना जाने अब तक कितनों की गोद सूनी हो गयी और कितनों की मांग उजड़ गयी।
सड़क हादसे में अपने 20 साल के जवान बेटे को खो देने वाले घनश्याम साव के दर्द को बस वही समझ सकता है, जिसके बूढ़े कंधे पर एक जवान बेटे की अर्थी निकली हो। रोते-बिलखते पिता ने कहा कि कल जैसे ही उन्हें बेटे के एक्सीडेंट हो जाने की खबर मिली। वह भागे-भागे मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ बेटे का हाल देख कलेजा फट गया। 108 पर कई बार फोन किया। एम्बुलेंस नहीं आयी। तब भागे-भागे NTPC पहुंचे। खूब चीखे-चिल्लाए तब कहीं जाकर एक एम्बुलेंस मिला। पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कागांव में गए। वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया। फिर वहां से आरोग्य भेज दिया। यहां बेटा का दम निकल गया। सुनें क्या बोले दुखी पिता घनश्याम साव…
इसे भी पढ़ें : BREAKING : रांची में सगे दो भाइयों की चली गई जान, पुलिस रही परेशान
इसे भी पढ़ें : रांची के इस PDS दुकानदार पर गिरेगी गाज, डीएसओ को मिली कंप्लेन
इसे भी पढ़ें : सीएम हेमंत की रहमत बरसी, निखर गई टूना की जिंदगी
इसे भी पढ़ें : 236 शहरों में पहुंचा Jio True 5G, 10 और शहरों में हुआ लॉन्च
इसे भी पढ़ें : IED Blast : CRPF जवान को एयरलिफ्ट कर लाया गया रांची…देखें
इसे भी पढ़ें : पापा करते रहे इंतजार, Exam देने गई बेटी फरार…
इसे भी पढ़ें : नहीं रही उम्रदराज बाघिन ‘वीना रानी’, जानें कैसे हुआ अंत














