- संसदीय समिति ने शिक्षा मंत्रालय को दिया सुझाव
कोहराम लाइव डेस्क : CBSE 10वीं-12वीं की परीक्षा की तैयारियों के लिए एक संसदीय समिति ने शिक्षा मंत्रालय को सलाह दी है कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में स्टूडेंट्स को बिग क्वेश्चन बैंक दिया जाना चाहिए। समिति ने यह सुझाव कोरोना वायरस महामारी के चलते अधूरी रह गई पढ़ाई की भरपाई करने के मकसद से दिया है। उल्लेखनीय है कि इस बार CBSE बोर्ड परीक्षा 5 मई से 10 जून तक होनी।
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ऑलाइन लर्निंग से वंचित रहे गरीब बच्चे
स्कूली शिक्षा पर कोरोना महामारी के प्रभावों के बारे बताते हुए संसदीय समिति के सदस्यों ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र में आपदा के चलते बड़ा ‘लर्निंग गैप’ हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं का फायदा सभी स्टूडेट्स नहीं ले पाए। इंटरनेट और जरूरी डिवाइस की कमी के चलते अधिकतर निर्धन परिवारों के बच्चे ऑनलाइन लर्निंग से वंचित रहे।
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दूरदर्शन और आकाशवाणी की पहुंच व्यापक
समिति के सदस्यों ने गरीब परिवारों के बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेस की व्यावहारिकता पर भी सवाल खड़े किए। समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि मंत्रालय को विज्ञापनों और अन्य जरियों से दूरदर्शन-आकाशवाणी पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई का प्रसारण किए जाने का प्रचार-प्रसार करना चाहिए था। यही नहीं बीजेपी सांसद ने दूरदर्शन और आकाशवाणी को इंटरनेट के मुकाबले ज्यादा किफायती बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों माध्यमों की देश में व्यापक पहुंच है।
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