जामताड़ा (पिंटू कुमार): किसी को 600 तो किसी को 800 पोषाहार क्षतिपूर्ति राशि दिए जानें पर स्कूलों बच्चों का मन दुखी हो गया।बच्चों ने कहा यह सरासर झूठ है, उन्हें तो केवल 300 रुपया ही मिला है। बाकी का पैसा कहा गया। यह जानने के लिए स्कूल के सेकड़ों बच्चों बेतहाशा भागे भागे प्रखंड कार्यालय पहुंच गये। यह कार्यालय जामताड़ा के नारायणपुर में है। इस तमाम स्कूली बच्चे उत्क्रमित मध्य विद्यालय भागाबांध नारायणपुर के है। स्कूली बच्चे जोर-जोर से शोर मचाने लगे और अपना हक मांगने लगे। वहीं यह पूछने लगे कि उनके खाने-पीने का पैसा कहां और किसके पास जा रहा है। बड़का गोलमाल है। बच्चों की शोर पर जागे प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कैलाशपति पाथर को तलब किया। पैसा बटवारों में हो रही गड़बड़ी की जांच कर बताने को कहा। पाथर स्कूल गये। प्रधानाध्यापक पूर्णिमा पांडे और प्रभाकर गोप बिना सूचना के गायब मिले। इनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया गया। कैलाशपति पाथर ने बताया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय भागाबांध को कुल राशि 5 लाख 35 हजार 75 रूपये मिले हैं। वहीं पारा शिक्षकों का कहना था कि स्कूल में पढ़ रहे 541 बच्चों में 344 बच्चों को 600 रुपया और 197 बच्चों को 800 रुपये दिए गये हैं। वहीं बच्चों के परिजनों का कहना है कि बच्चों को केवल 300 रुपये दिए गए है। पर रजिस्टर में 600 रुपया अंकित कर सिग्नेचर करवा लिए गये। पूरा बेईमान लोग है। उन्हें शर्म आनी चाहिए बच्चों तक निवाला डकार जाते है। पोषाहार राशि के बटवारें में बड़का खेला हुआ है। इधर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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