जालसाजों का देश विदेश में बड़ा नेटवर्क, पुलिस अनुसंधान में जुटी
Ranchi (Pawan Thakur) : राजधानी रांची में रहने वाले किशोर एक्का जालसाजों के बुने जाल में फंस गये। उन्हें आर्यन कंपनी खोलने के वास्ते 50 करोड़ की दरकार थी। उन्होंने ओड़िसा के भुवनेश्वर में रहनेवाली गीता रानी मोहन्ती से पार्टनरशिप में उनका आयरन और माईन्स लिया। माइंस को शुरू करने के लिये उन्हें 50 करोड़ रुपये की जरूरत थी। वो लोन (Loan) लेकर इसे शुरू करना चाहते थे। इसी दरम्यान उनकी मुलाकात रवींद्र प्रधान से हुई। राउरकेला के रवींद्र प्रधान ने उन्हें बताया कि राजस्थान की एक कंसल्टेंट कंपनी सतगुरु टोटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड बिजनेस के लिये लोन (Loan) देती है। चल-अचल संपत्ति मोरगेज कर लोन हासिल किया जा सकता है।
50 लाख रुपये जमा करना होगा सर्विस चार्ज
लोन देने वाली कंपनी को पूरे दस्तावेज भेजे गये। 30 मार्च 2016 को कंपनी द्वारा उन्हें जानकारी दी गई कि उनके सारे दस्तावेज सही हैं, वो लोन हासिल कर सकते हैं। 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 18 साल का लोन (Loan) होगा। 5 अप्रैल 2016 को प्रविष्टि शुल्क के तौर पर 17 हजार एक सौ रुपये जमा किया गया। उन्हें 50 करोड़ लोन (Loan) के लिये 50 लाख सर्विस चार्ज जमा करना होगा। 50 लाख के अग्रिम के रूप में 15 लाख रुपये 26 अप्रैल 2016 को जमा कर दिया। कंपनी द्वारा उनसे कहा गया कि 10 से 15 दिनों में उन्हें 50 करोड़ रुपये का लोन (Loan) मिल जायेगा। इसके बाद वो रवीन्द्र प्रधान, अतिश कुमार बिऊरे एवं रमेश चन्द्र मिश्रा के साथ अजमेर गये। अजमेर के दौलताबाद में केसी कॉप्लेक्स में सतगुरू टोटल सर्विस के कार्यालय में गये। वहां नवीन और पूनम के साथ मीटिंग हुई।
21 अप्रैल को कंपनी ने भेजा लोन एग्रीमेंट के दस्तावेज
उन्हें बताया गया कि सतगुरू कंपनी बहुत बड़ी कंपनी है। इसके विदेशों में जैसे अमेरिका, दुबई, यूके और सिंगापुर में भी कार्यालय है। भारत में पुणे, दिल्ली और अजमेर में ऑफिस है। कंपनी के मालिक विमलेश कुमार और कुसुम सोलंकी है। वहीं राजीव शर्मा, रूचिका मिश्रा, विकास, संदीप कंपनी के मैनेजर और सचिन डायरेक्टर हैं। कई विदेशी कंपनियों के साथ इनका सीधा ताल्लुकात है। साल 2016 बीत गया। 21 अप्रैल 2017 को कंपनी की तरफ से लोन एग्रीमेंट का दस्तावेज भेजा गया। यह एग्रीमेंट अमेरिका के कैलिर्फोनिया से ऑन लाइन नोटरी करवाया गया। साल 2017 भी बीत गया। लीगल प्रक्रिया के नाम पर पुनः उनसे 2 लाख 50 हजार रुपये खाते में जमा करवाया गया।

फिर मांगे 10 लाख
14 फरवरी 2018 को कंपनी के राजीव शर्मा ने उन्हें फोन कर कहा कि अमेरिका के निवेशक बोर्ड आपके द्वारा दिये गये सिक्युरिटी से सहमत नहीं है। उन्हें और 10 लाख रुपये देना होगा। 26 फरवरी 2018 को 10 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कर दिया। 2019 में उनसे कहा गया कि कंपनी के लीगल सेल से उनका लोन पास हो गया है, किन्तु भारत में चुनाव रहने के कारण अभी फंडिग करना संभव नहीं है। 20 नवंबर 2019 को उन्हें भौतिक सत्यापन के लिये अजमेर बुलाया गया। वहां उनसे फंड ट्रांसफर एग्रीमेंट में हस्ताक्षर करवाये गये। विदेशी व्यक्तियों के हवाई यात्रा के नाम पर विकास ने उनसे 3 लाख रुपये लिये। साल 2019 भी बीत गया। साल 2020 में कोविड के कारण कुछ नहीं हुआ।
भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गुरुग्राम
3 अप्रैल 2021 को गुरुग्राम हरियाणा में उन्हें भौतिक सत्यापन के लिये बुलाया गया। FDI क्लीयरेंस के नाम पर फिर उनसे कुछ रुपये लिये गये। 3 अप्रैल 21 को किशोर एक्का ने क्रमशः 3 लाख 50 हजार, 4 लाख 34 हजार एवं 30 हजार रुपये के चेक दिये। फिर उनसे 17 लाख जुटाने को कहा गया। 28मई 2021 को पुनः 5 लाख रुपये लेकर उन्हें बुलाया गया। रोहित टक नाम के एक लड़के ने उनके दामाद एवं छोटे बेटे को 55 लाख 33 हजार डॉलर का चेक दिया। यह चेक अमेरिका के न्यूयार्क के सन्तदर बैंक का था। राजीव शर्मा अपने कमीशन का 15-15 लाख रुपये का दो चेक रख लिया। चेक में नाम गलत अंकित किया गया था। चेक सुधारने के नाम पर भी खेला हो गया। लोन दिलाने के नाम पर सात साल लग गये, वहीं उनसे 75 लाख रुपये ठग लिये गये।
ठगी के शिकार किशोर एक्का ने इस संबंध में रांची के अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। किशोर एक्का चेतन टोली हरमू में रहते हैं। वो मूल रूप से सिमडेगा के केंदुआडीह गांव के रहनेवाले हैं।
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