Kohramlive : आतंकियों से लोहा लेने के लिये विलेज डिफेंस गार्ड बना उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं उन्हें हथियार देना भी शुरू कर दिया गया है। WDG से स्वयंसेवकों को जोड़ा जा रहा है। इनका हौंसला अफजाई कर उनमें हुनर पैदा किया जा रहा है, ताकि आतंकियों से मुकाबला कर सके। विलेज डिफेंस गार्ड पहले विलेज डिफेंस कमेटी (WDC) के नाम से जाना जाता था। राजोरी जिले के ढांगरी में लगातार दो बार आतंकी हमले के बाद कश्मीर प्रशासन एक्टिव मोड में आ गई है। CRPF के विशेषज्ञों द्वारा हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं इन्हें आतंकवादी हमलों को नाकाम करने और आपात स्थिति में आतंकियों से निपटने का हुनर सीखा रहे हैं। ट्रेनिंग की रूपरेखा पर तैयारी शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर स्वयंसेवकों को किसी भी तरह के मुकाबले के लिए ट्रेनिंग दी जायेगी। ढांगरी आतंकी हमले में सात लोगों की जान चली गई थी। वहीं कई लहुलूहान हो गये थे।
इधर, हाई लेवल मीटिंग के बाद सुरक्षा कवच को मजबूत करने की खातिर राजोरी और पुंछ में CRPF की 18 नई कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया गया है। इसमें करीब 18 सौ जवान होंगे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने WDG को गणतंत्र दिवस समारोह में अलर्ट रहने को कहा है। जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के बॉडर भी एक्टिव कर दिया गया है।
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