RANCHI: बेटी दामाद के बीच हुये विवाद को सुलझाने गई महिला को दामाद ने पत्थर से कूचकर मौत के घाट उतार दिया। वहीं आरोपी की पत्नी ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। और ककरिया पिकेट पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी दामाद और उसके पिता को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर खून लगा पत्थर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। वहीं महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि शकुंतला देवी की बेटी सोनी ने सूरज उरांव के साथ लव मैरिज की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। जिसको लेकर महिला थाना में दोनों के बीच सुलह कराया गया था। दोनों अलग-अलग रहेंगे ये तय हुआ था। कुछ दिन बाद सोनी ने एक बेटी को जन्म दिया। जिसके बाद सोनी और उसकी मां शकुंतला देवी ने बच्ची की परवरिश के खर्च के लिए सूरज पर दबाव बनाने लगे। उससे रूपये की मांग करने लगे। इसी को लेकर शकुंतला देवी और सोनी कुमारी सूरज के घर कोयसारा गये थे। इसी दौरान सूरज के साथ दोनों मां-बेटी की बकझक हो गई। गुस्से में सूरज और उसके पिता मागो चंद्र उरांव ने शकुंतला देवी की पत्थर से कूचकर हत्या कर दी। मां पर पत्थर से वार करते देख सोनी डर गई और मौके से भागकर ककरिया पिकेट पहुंची और पुलिस को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद लापुंग थाना प्रभारी त्रिपुरारी कुमार और ककरिया पिकेट के प्रभारी केशवलाल मिर्धा सशस्त्र बल के साथ घटना स्थल पहुंचे और आरोपी सूरज और उसके पिता मागो चंद्र उरांव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पत्नी सोनी ने अपनी मां की हत्या का आरोप पति सूरज उरांव, ससुर मागो चंद्र उरांव, सास छेदनी देवी, ननद चांदनी कुमारी और सूरज की पहली पत्नी अंशु कुमारी पर लगाया है।
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