RANCHI (Aarti Gupta / Nandani Singh) : मेरे पास कुछ भी नहीं था। सिर्फ हौसला था, कोई ग्राउन्ड भी नहीं था। खेल का सामान भी जुटाना मुश्किल था। हाथ में सिर्फ लॉन बाल था पक्का इरादा बनाया की कुछ अलग करना है रिजल्ट सामने है। आज मैं बेहद खुश हूं, पति से लेकर हर किसी का साथ मिला। सबसे सुकून देने वाली बात यह है की खेल जगत के प्रति सरकार जागी है, अब खेलने कूदने वाले के लिए झारखंड में मौका ही मौका है। झारखंड में खेल जगत में कई मेडल जीत कर पूरी दुनिया में झारखंड का नाम रौशन किया। ऐसा कोई खेल नहीं जिसके खिलाड़ी झारखंड से न निकलते हो। फूटबाल टीम में तो झारखंड से 6 खिलाड़ी ने जगह पाई है। गौरव की बात यह है की कप्तान भी झारखंड की है। यह कहना है लॉन बाल में गोल्ड मेडल झटकने वाली रूपा रानी का। जेसोवा दिवाली मेला द्वारा राजधानी रांची के मोरबादी मैदान में झारखंड की नाज रूपा रानी मौजूद थी।
खेल विभाग द्वारा लगाये गए स्टॉल की खासियत और मकसद बता गई गोल्ड मेडलिस्ट रूपा रानी। वहीं जेसोवा की ट्रेजर डॉ स्टिफी मुर्मू दिवाली मेला के पीछे के मकसद और जेसोवा द्वारा किए जा रहे काम के बारे में बता गई। 5 दिन के इस दिवाली मेला में करीब 300 स्टॉल लगाये गए है। मेले में दूर- दूर राज्य से आए लोगों ने स्टॉल लगाये हैं। रांची सेंट्रल जेल के कैदियों द्वारा तैयार उत्पाद उनके हुनर को झलका रहे हैं। पूरे मेला परिसर में अजब सा नजारा है। लोगों में अजीब सी खुशिया है। मेला में ऐसे कई स्टॉल लगाये गये है जो भीड़ खिच रही है। सुनें क्या बोली लॉन बाल में गोल्ड मेडलिस्ट रूपा रानी, जेसोवा की ट्रेजर डॉ स्टिफी मुर्मू, और स्टॉल लगाने वाले लोग…
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